ग्राम पंचायत दमहामुड़ा के सरपंच का तानाशाही रवैया, पंचो सहित स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश…

कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा. चुनाव जीतने के बाद कुछ सरपंच पंचायत को अपनी जागीर समझ बैठते हैं और शासन की योजनाओं का बंदरबांट के कोई कसर नही छोड़ते, यह बात जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के अधीनस्थ ग्राम पंचायत दमहामुड़ा के सरपंच श्रीमती मालती राज पर चरितार्थ होती नजर आ रही है। यहाँ सरपंच का अड़ियल रवैया व तानाशाही तरीके से ग्रामवासियो सहित पंचगण नाखुश होने के साथ बेहद समस्या में हैं।यहाँ सरपंच अपनी मनमर्जी के मुताबिक बिना पंचो के प्रस्ताव से कार्यो को अंजाम देकर अपने आपको तीसमारखाँ समझ बैठे हैं।

दरअसल जिला कोरबा अंतर्गत विकासखण्ड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम पंचायत दमहामुड़ा में राज्य सरकार की महती योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को सोसायटी के जरिये आबंटित होने वाला राशन सामाग्री आया हुआ था।ग्रामसभा में बैठक के दौरान उक्त राशन सामग्री को ग्राम पंचायत भवन में रखवाकर हितग्राहियों को वितरण करने प्रस्ताव पारित हुआ था,लेकिन पंचो के अनुसार सरपंच श्रीमती मालती राज ने उक्त सामाग्री को पंचायत भवन में न रखवाकर गाव के ही एक किसान के निजी कच्चे मकान में ग्राम सभा के प्रस्ताव को ठुकराकर रखवा दिया।जिससे पंचो सहित ग्रामीणों में खासी नाराजगी बनी हुई है।पंचायत भवन होने के बाउजूद सरपंच ने किस हैसियत से राशन सामाग्री को निजी मकान में रखवाया यह तो समझ से परे है लेकिन पंचो व ग्रामीणों की माने तो सरपंच व इनके जेठ अरविंद राज का गाँव मे तानाशाही रवैया चलता है और ये सरकार से मिलने वाली योजनाओं का पंचायत में जमकर बंदरबांट करने में लगे हैं।

पंचो की माने तो इन्होंने बताया कि पंचायत भवन बनकर तैयार है जिसमे राशन सामाग्री को बेहद आसानी से सुरक्षित रखा जा सकता था। जहाँ से हितग्राहियों को राशन वितरण करने में आसानी होती,पर सरपंच ने राशन सामग्री को निजी कच्चे मकान में जबरन पंचो के मना करने पर भी ले जाया गया जो कि इनके भ्रष्टाचारी रवैये को प्रदर्शित करता है।आखिर पंचो की बात को दरकिनार कर निजी कच्चे मकान में राशन सामाग्री रखना सरपंच क्यो चाह रहा?कही कोई बड़ी साजिश तो नहीं जहाँ से राशन सामाग्री को गबन किया जा सके?

पंचायत में केवल राशन सामाग्री का ही मामला नही पंचो ने सरपंच की कार्यशैली के और भी कारनामे उजागर किये हैं जिनमे बताया गया कि सरपंच श्रीमती मालती राज व इनके जेठ अरविंद राज ने मिलकर पंचायत में होने वाले कार्यो में जमकर भ्रष्टाचार करते हैं जिसमें पंचो से कोई प्रस्ताव नही लिया जाता और राशि आहरण कर ली जाती है।ग्रामीणों की माने तो पंचायत में होने वाले कार्यो में श्रम करने वाले ग्रामीणों का भुगतान तक नही होता है और जब भुगतान लेने ग्रामीण मजदूर सरपंच पास जाते हैं तो सरपंच तानाशाही स्वर में जब भुगतान आएगा तो देंगे कह देते हैं जिससे ग्रामीणों में खाशी नाराजगी बनी हुई है।

सरपंच की माने तो इन्होंने बताया कि पंचायत भवन पूरी तरह बनकर तैयार नही हुआ है जिस वजह से राशन सामग्री को गाँव के ही निजी मकान में रखवाया गया है।जिनकी सुरक्षा हेतु स्थानीय ग्रामीण को जिम्मा दिया गया है।

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