छत्तीसगढ़

झोलाछाप डॉक्टर कर रहे जटिल बीमारी दूर करने का दावा/ कोरोना काल मे भी जमकर की जा रही इलाज

रितेश गुप्ता

पसान :झोलाछाप डॉक्टर एक बार अपनी दुकान जमाने लगे है। बिना डिग्री क्लीनिक का संचालन कर इलाज किया जा रहा है। कोरोना काल मे भी सर्दी, खांसी, जुकाम से लेकर कैंसर तक के इलाज का दावा करने से ये झोलाछाप बाज नहीं आ रहे। प्रशासन ने करीब दो साल पहले शहर व ग्रामीण इलाकों में धुआंधार अभियान चलाकर अवैध क्लीनिक पर कार्रवाई की थी। परंतु प्रशासन अब इस ओर ध्यान नहीं दे रही, इसका पूरा फायदा फिर एक बार उठाया जाने लगा है।

कोरबा जिले के पसान में इलाज करने वाले बिना डिग्री के डॉक्टर इन दिनों आसानी से देखे जा सकते है।

पसान में झोलाछाप डॉक्टर अपना हॉस्पिटल तैयार कर दूसरे डॉक्टर के नाम से अपनी क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज कर रहे है। साथ ही मोटी रकम वसूल रहा है।
मोटी रकम वसूलने का आलम यह है कि आने वाले टाइम में 100 बिस्तर का हॉस्पिटल तैयार कर इलाज किया जाएगा

ये झोलाछाप डॉक्टर 5वीं, 8वीं तक की पढाई कर डॉक्टर बन गए हैं और इस कोरोना काल मे भी जुकाम से लेकर मलेरिया, टाइफाइड, पेट में अल्सर, लकवा, पथरी , कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज का दावा करते हैं। यही नहीं क्लीनिक में सुबह से शाम तक लोगों का इलाज करते देखे जा सकते हैं। इलाज के दौरान किसी मरीज की तबियत ज्यादा खराब होने की स्थिति में उक्त डॉक्टर अपना हाथ खड़े कर देते है।

झोलाछाप डॉक्टर किसी डिग्रीधारी चिकित्सक की तरह बकायदा मरीजों का उपचार भी कर रहे है। इन अवैध क्लीनिक में तमाम तरह की मेडिसिन, इंजेक्शन भी उपलब्ध रहते है।

बीमारी ठीक करने का ले रहे ठेका

बिना डिग्री के डॉक्टर अपने ही क्लिनिक में मेडिकल स्टोर जितना दवाई, रोगों का मेडिसिन, इंजेक्शन रखे हुए है तथा अपनी खुली दुकान में मरीजों का चेकअप कर उपचार भी करते है।
पसान में ही कई वर्ष से अवैध क्लीनिक का संचालन कर रहा व्यक्ति आसपास क्षेत्र में काफी चर्चित है। मामूली से लेकर गंभीर बीमारियों का उपचार ठेका पद्घति से करता है। मसलन यदि किसी को कोई बीमारी है तो उसके लिए एक साथ पांच या दस हजार लेकर ठीक होने तक उपचार करता है। डॉक्टर ने अपने क्लीनिक के बाहर बाकायदा दूसरे डॉक्टर का बोर्ड लगा रखा है , दीवार पर उपचार करने का समय के साथ अपना मोबाइल नंबर भी अंकित किया है, ताकि कोई भी मरीज आपातकालीन स्थिति में संपर्क कर सके।

बोर्ड किसी दूसरे डॉक्टर का अंदर इलाज करता है बिना डिग्रीधारी झोलाछाप डॉक्टर

ज्ञात है कि पसान में स्तिथ अवैध क्लीनिक की शिकायत पूर्व में कोरबा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास की जा चुकी हैं परन्तु अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही आज तक नही की गई ,क्योंकि झोलाछाप डॉक्टर की कमाई इतनी तगड़ी है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवैध क्लीनिक के सम्बंध में पूरी जानकारी होने के बाद भी आज तक किसी प्रकार की कार्यवाही न होना ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य अधिकारी की मिलीभगत व उच्च अधिकारियों की लापरवाही को प्रदर्शित करता हैं ,

स्वास्थ्य अमला ग्रामीणों को जागरूक करने में असफल

क्षेत्र में यही एक क्लीनिक नही है वरन बिना डिग्री डॉक्टरों के ऐसे अनेक क्लीनिक खुल गए है। जिस पर जिम्मेदार चिकित्सा विभाग या प्रशासन की नजर अब तक नही गई। जानकारों का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टरों के पैर फैलाने का मुख्य कारण ग्रामीण इलाकों मे खुले उपस्वास्थ्य केंद्रों का सही ढंग से संचालन नही हो रहा। साथ ही एमपीडब्ल्यू बहुउद्देश्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता व (ग्राम पंचायतों में पदस्थ नर्स) मितानिन ग्रामीणों को जागरूक करने में असफल हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में बिना डिग्री के चिकित्सक द्वारा बगैर मान्यता संचालित दुकानदारी को देखकर लगता है प्रशासन को ऐसे चिकित्सकों के हाथों उपचार के नाम पर किसी गहरी घटना के होने का इंतजार है।

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