छत्तीसगढ़

खुद पढ़ने वाले व नौकरीपेशा युवा मानव उत्थान सेवा समिति के मिशन एजुकेशन से जुड़कर जगा रहे शिक्षा का अलख

स्कूलों में बॉक्स लगा कर संपन्न परिवारों के छात्रों से मांगते हैं स्टेशनरी जो मिलती है उसे गरीब बच्चों में बांटते हैं ताकि नहीं छूटे उनकी पढ़ाई

– जेआर सिन्हा

बालोद : युवाओं की टीम शहर की स्लम बस्तियों के साथ-साथ गांव में शिक्षा का अलख जगा रही है मानव उत्थान सेवा समिति के मिशन एजुकेशन से जुड़े युवा अपनी पढ़ाई व नौकरी की व्यवस्था के बावजूद समय निकालकर जरूरतमंद बच्चों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने अभियान चला रहे हैं पहले संपन्न बच्चों से स्टेशनरी इकट्ठा करते हैं फिर जरूरतमंद बच्चों के बीच वितरित करते हैं और पढ़ाते हैं इसी कड़ी में तीन दिवसीय मिशन एजुकेशन समर कैंप का आयोजन हंस विद्यान खपरी (मालीघोरी) जिला बालोद मे किया गया जिसमें लगभग 100 बच्चों को नैतिक शारीरिक भौतिक शिक्षा प्रदान किया गया एवं स्टेशनरी वितरण किया गया

ऐसे चल रहा है मिशन

ये युवा शहर के बड़े स्कूलों में जाकर वहां संपन्न परिवार के बच्चों को अपनी स्टेशनरी में से कुछ गरीब बच्चों के लिए दान करने को प्रेरित करते हैं स्कूलों की अनुमति से कैंपस में बॉक्स लगाते हैं जिससे बच्चे अपनी शिक्षा से स्टेशनरी काफी आदि दाल देते हैं स्कूली बच्चों से प्राप्त स्टेशनरी और अपने स्तर से भी सहयोग कर जरूरतमंद बच्चों को बांटते हैं.

इस अभियान से जुड़े उग्रसेन पटेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बालोद दुर्ग रायपुर बिलासपुर अंबिकापुर सूरजपुर धमतरी बलरामपुर आदि कई जिलों में बॉक्स लगाने और वितरण करने का अभियान चला रहा है प्राइमरी स्तर के बच्चों को आर्थिक रूप से असमर्थ रहने के कारण स्टेशनरी के अभाव से पढ़ाई छोड़ देते हैं इसी समस्या को खत्म करने के लिए समर्थ और असमर्थ बच्चों के बीच एक कड़ी स्थापित करना भी इस अभियान का उद्देश्य है।

उद्देश्य

बच्चों को संस्कारी व चरित्रवान बनाना, बच्चों में दान देने और समाज सेवा की भावना विकसित करना, समर्थ और असमर्थ बच्चों के बीच संबंध स्थापित करना, जो विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर है उनको जगत की शिक्षा सामग्री देकर मदद करना।

चार साल पहले शुरुआत

पूज्य विभु जी महाराज की प्रेरणा से वर्ष 2015 में शुरू हुए मिशन एजुकेशन अभियान के अंतर्गत अभी तक लगभग 4लाख से ज्यादा बच्चों को पूरे देश में निशुल्क पाठ्य सामग्री वितरण की जा चुकी है इन्हीं क्रम में संस्था द्वारा 24 घंटे के अंदर 16604 किलो पाठ्य सामग्री वितरित कर ‘गिनीज वर्ल्ड’ रिकॉर्ड बनाया।

इस अभियान में तथा तीन दिवसीय आयोजित समर कैंप 22अप्रैल से 24अप्रैल तक आयोजित करने में डीआर पटेल, गंगाराम देशमुख, मोहित देशमुख ,नेतराम पटेल, अर्जुन ठाकुर, लक्ष्मी देशमुख, खूबलाल भट्ट, दामिनी पटेल, खिलेश्वरी पटेल, फतेश पटेल,साहिल भट्ट,निलेश पटेल, हेममूर्ति, श्यामलाल निषाद, हरिवंश देशमुख, वेदप्रकाश देशमुख, कंचन भट्ट, मेघा,दीपा, राजा, राधे,वीरेंद्र,देवांगन, प्रीति, ईशा,रिपा, आदि का योगदान रहा।

खुद पढ़ने वाले व जोबपिशा युवा मानव उत्थान सेवा समिति के मिशन एजुकेशन से जुड़कर जगा रहे शिक्षा का अलख

साथ गांव में शिक्षा का अलख जगा रही है मानव उत्थान सेवा समिति के मिशन एजुकेशन से जुड़े युवा अपनी पढ़ाई व नौकरी की व्यवस्था के बावजूद समय निकालकर जरूरतमंद बच्चों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने अभियान चला रहे हैं पहले संपन्न बच्चों से स्टेशनरी इकट्ठा करते हैं फिर जरूरतमंद बच्चों के बीच वितरित करते हैं और पढ़ाते हैं इसी कड़ी में तीन दिवसीय मिशन एजुकेशन समर कैंप का आयोजन हंस विद्यान खपरी (मालीघोरी) जिला बालोद मे किया गया जिसमें लगभग 100 बच्चों को नैतिक शारीरिक भौतिक शिक्षा प्रदान किया गया एवं स्टेशनरी वितरण किया गया।

ऐसे चल रहा है मिशन

ये युवा शहर के बड़े स्कूलों में जाकर वहां संपन्न परिवार के बच्चों को अपनी स्टेशनरी में से कुछ गरीब बच्चों के लिए दान करने को प्रेरित करते हैं स्कूलों की अनुमति से कैंपस में बॉक्स लगाते हैं जिससे बच्चे अपनी शिक्षा से स्टेशनरी काफी आदि दाल देते हैं स्कूली बच्चों से प्राप्त स्टेशनरी और अपने स्तर से भी सहयोग कर जरूरतमंद बच्चों को बांटते हैं।

इस अभियान से जुड़े उग्रसेन पटेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बालोद दुर्ग रायपुर बिलासपुर अंबिकापुर सूरजपुर धमतरी बलरामपुर आदि कई जिलों में बॉक्स लगाने और वितरण करने का अभियान चला रहा है प्राइमरी स्तर के बच्चों को आर्थिक रूप से असमर्थ रहने के कारण स्टेशनरी के अभाव से पढ़ाई छोड़ देते हैं इसी समस्या को खत्म करने के लिए समर्थ और असमर्थ बच्चों के बीच एक कड़ी स्थापित करना भी इस अभियान का उद्देश्य है।

उद्देश्य

बच्चों को संस्कारी व चरित्रवान बनाना, बच्चों में दान देने और समाज सेवा की भावना विकसित करना, समर्थ और असमर्थ बच्चों के बीच संबंध स्थापित करना, जो विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर है उनको जगत की शिक्षा सामग्री देकर मदद करना।

चार साल पहले शुरुआत

पूज्य श्री विभु जी महाराज की प्रेरणा से वर्ष 2015 में शुरू हुए मिशन एजुकेशन अभियान के अंतर्गत अभी तक लगभग 4लाख से ज्यादा बच्चों को पूरे देश में निशुल्क पाठ्य सामग्री वितरण की जा चुकी है इन्हीं क्रम में संस्था द्वारा 24 घंटे के अंदर 16604 किलो पाठ्य सामग्री वितरित कर ‘गिनीज वर्ल्ड’ रिकॉर्ड बनाया।

इस अभियान में तथा तीन दिवसीय आयोजित समर कैंप 22अप्रैल से 24अप्रैल तक आयोजित करने में डीआर पटेल, गंगाराम देशमुख, मोहित देशमुख ,नेतराम पटेल, अर्जुन ठाकुर, लक्ष्मी देशमुख, खूबलाल भट्ट, दामिनी पटेल, खिलेश्वरी पटेल, फतेश पटेल,साहिल भट्ट,निलेश पटेल, हेममूर्ति, श्यामलाल निषाद, हरिवंश देशमुख, वेदप्रकाश देशमुख, कंचन भट्ट, मेघा,दीपा, राजा, राधे,वीरेंद्र,देवांगन, प्रीति, ईशा,रिपा, आदि का योगदान रहा।

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