खबर का असर : आखिर वन विभाग आया हरकत में, छापा मार कार्यवाही कर भारी मात्रा में अवैध तरीके से रखे सागौन, साल के लट्ठे किए जप्त

कटघोरा-पुरानी कहावत है, "सुबह का भुला, शाम को घर आ जाये, तो वह भुला नही कहलाता,,कहने का तात्पर्य यह है कि समय रहते गलतियों को सुधार लिया जाए और तत्काल संज्ञान में लिया जाए।

अरविंद शर्मा 

कोरबा : कटघोरा-पुरानी कहावत है, “सुबह का भुला, शाम को घर आ जाये, तो वह भुला नही कहलाता,कहने का तात्पर्य यह है कि समय रहते गलतियों को सुधार लिया जाए और तत्काल संज्ञान में लिया जाए। सुबह ही वन विभाग की खबर “वन विभाग के नाक तले सैकड़ों पेड़ो की हो गई कटाई,अधिकारियों को भनक तक नही,प्रकाशित हुई थी जिस पर वन अमला तत्काल हरकत में आया और मोके पर जाकर छापामार कार्यवाही की,जहाँ अवैध रूप से रखे बड़ी मात्रा में सागौन,साल व अन्य प्रजाति की लकड़ियां जप्त कर विभागीय कार्यवाही की है।

कोरोना महामारी 

पुरे देश वैश्विक कोरोना महामारी से जूझ रही है,जिसमे समस्त विभाग के अधिकारी अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रहे है,और कॉरोना के इस भयंकर वैश्विक महामारी कि लडाई मे अपनी जान कि बाजी लगाते हुये ड्युटी कर अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे है, तो दुसरी तरफ़ अवैध कारोबारियों के द्वारा लकड़ी कि अवैध कारोबार करने वाले वन आपदा को भारी मात्रा मे वन कि कटाई कर नुकसान पहुचा रहे है,खबर का असर : आखिर वन विभाग आया हरकत में, छापा मार कार्यवाही कर भारी मात्रा में अवैध तरीके से रखे सागौन, साल के लट्ठे किए जप्त

यह मामला कटघोरा वन मंडल वनपरिछेत्र जटगा रेंज कि है जहा लाकडाउन का फ़ायदा उठाते हुये लकड़ी कि अवैध तस्करी करने वाले द्वारा वन की कटाई कर वन आपदा को छति पहुंचा रहे है। जब जटगा रेन्ज की प्रभारी वनपरिछेत्र अधिकारी एस.एल.जायसवाल को सुचना मिला कि ग्राम डुमरमुड़ा मे परमेश्वर उर्रे,पिता कन्हैया लाल जाति गोड के बाड़ी मे अधिक मात्रा मे लकड़ी रखाया हुआ है।

छापामार कार्यवाही

जिसकी सूचना मिलते ही प्रभारी वन परिछेत्राधिकारी व अपने पूरे टीम के साथ छापामार कार्यवाही की और परमेश्वर के बाड़ी मे अधिक मात्रा मे सौगन कि बल्लि,साल कि बल्लि व अन्य कई प्रजाति के लकड़ी बरामद की गई जप्त की गई लकड़ी को वन अमला द्वारा मौके पर जप्ति कर पंचनामा किया गया व सभी लकड़ी को कसनिया डिपो भेजा गया,

जप्ती कि गयी लकड़ी जिसमे मिश्रित प्रजाति की 27नग लकड़ी सौगन कि 3नग अन्य प्रजाति कि 3नग लकड़ी कुल 33नग लकड़ी जप्त किये,जिसकी मुल्य लगभग 6से 7हजार आंका गया,प्रभारी वनपरिछेत्राधिकारी द्वारा बताया गया, इस प्रकार लकड़ी जप्ती करने मे वनमंडल कटघोरा के जटगा वन परिछेत्र अधिकारी एस.एल. जायसवाल, मंगल नायक,जहान सिंह,पी.के.तन्वर,ओ.आर.सिंह आदि इस लड़की कि जप्ती करने मे इनका महत्त्वपूर्ण योगदान रहा , वन परिछेत्र जटगा में विश्व महामारी कोरोना के द्वितीय लॉकडाउन में भारी मात्रा में जंगलों के इमारती लकड़ी की कटाई कर चोरी हुई है , इसी तरह अपने कार्यों में सक्रियता बरतेंगे तो और भारी मात्रा में लकड़ी जप्त किया जा सकता है।

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