छत्तीसगढ़

गड्ढे में गिरा हाथी शावक, ग्रामीणों से इस तरकीब से निकला बाहर

गाँव हरिपुर उस मोहनपुर इलाक़े में है जहाँ बीते दस दिनों से 57 हाथियों का झुंड मौजुद है और यह भी जानिए कि, अब तक फ़सलो को छोड़कर कोई नुक़सान नही हुआ है

हरिपुर गाँव के ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए डबरी में फंसे हाथी के शिशु को बाहर निकलने के लिए हरसंभव प्रयास में जुट गए. सूरजपुर वन परिक्षेत्र के मोहनपुर बीट के हरिपुर ग्राम में खेतों में बने डबरी में अचानक हाथी के चिंघाड़ने की आवाज़ आई और ग्रामीणों ने जब वहां जाकर देखा तो हाथी का बच्चा कीचड़ में डूबा हुआ था.

चूँकि डबरी थोड़ी गहरी थी इसलिए वह उससे बाहर नहीं आ पा रहा था. ग्रामीणों ने अपने पास मौजूद संसाधनों से डबरी के एक बाग़ को खोदना शुरू किया और उससे इतना समतल किया गया जिसमें से बच्चा आसानी से निकल सके. डबरी में डूबता उतरता हाथी सदियों पुराने सह अस्तित्व को शायद समझ गया, इसलिए शांत होकर देखता रहा, ग्रामीणों ने दो बार समतल किया और वहाँ से दूर हुए हाथी ने तब निकलने की असफल कोशिश करते हुए संकेत दिया कि, इसे और समतल करो और ग्रामीणों ने फिर उसे और समतल किया और एक बार फिर उस डबरी से दूर हटे और फिर हाथी वहाँ से निकल गया.

सीसीएफ केके बिसेन ने ग्रामीणों के इस प्रयास की सराहना कर हाथी को कुंए से बाहर निकालने मेहनत करने वाले एक व्यक्ति को प्रोत्साहन बतौर 1 हजार रुपए नगद इनाम देने का निर्देश सुरजपुर डीएफओ बीपी सिंह को दिया है.

ह गाँव हरिपुर उस मोहनपुर इलाक़े में है जहाँ बीते दस दिनों से 57 हाथियों का झुंड मौजुद है और यह भी जानिए कि, अब तक फ़सलो को छोड़कर कोई नुक़सान नही हुआ है

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