छत्तीसगढ़

केन्द्रीय विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर होता है जोर : रमन

रायपुर : केन्द्रीय विद्यालयों में बच्चों की शिक्षा के साथ उनके सार्वांगीण विकास पर जोर दिया जाता है। जब स्कूल के पहले ही दिन बच्चों के चहरे में मुस्कान होती है, पढ़ाई बोझ नहीं लगती, तो वे अपने भविष्य को बेहतर तरीके से गढ़ पाते हैं। ये बातें मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कही। उन्होंने नया रायपुर में आज शनिवार को नया रायपुर में राजधानी के तीसरे केन्द्रीय विद्यालय का फीता काटकर शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि, आज यहां हर बच्चे के चहरे में यह मुस्कान देखी जा सकती है। उन्हें कलरफूल कक्षाएं, प्रोजेक्टर, टच स्क्रीन, कम्प्यूटर,स्पोर्ट्स और म्यूजिक इन्स्ट्रूमेंट सहित बेहतर माहौल में पढ़ाई का अवसर मिल रहा है। स्कूल में प्रवेश करते ही दीवारों पर महापुरूषों के चित्र और उनके संदेश बच्चों को समुद्र की गहराई और आकाश की ऊंचाई को छूने के लिए प्रेरित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नवप्रवेशित बच्चों से उनकी कक्षाओं में जाकर भेंट की और उन्हें उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने नवप्रवेशित बच्चों को स्कूल बैग भी प्रदान किया। कार्यक्रम में रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद रमेश बैस, लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत, स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष देवजी भाई पटेल, आरंग विधायक नवीन मारकण्डेय, विधायक बर्नाड जे रोड्रिग्स, ग्राम पंचायत राखी के सरपंच मुरारी रात्रे उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशन और मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर की विशेष पहल से छत्तीसगढ़ को इस साल 11 नवोदय और 6 केन्द्रीय विद्यालयों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-2 दीनदयाल उपाध्याय नगर में अगले सत्र से प्रारंभ होने वाले सभी कक्षाओं के अतिरिक्त दो-दो सेक्शन की प्रशंसा करते हुए इसके लिए राज्य सरकार की ओर से भवन की मंजूरी भी प्रदान की।
सांसद रमेश बैस ने कहा कि, यह हमारा सौभाग्य है कि रायपुर में तीसरा केन्द्रीय विद्यालय प्रारंभ हो रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर में जितने राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थान है, उतने देश के किसी भी शहर में नही है।
शुभारंभ कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित केन्द्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त संतोष कुमार मल्ल ने कहा कि, पूरे देश में इस साल 50 केन्द्रीय विद्यालय स्वीकृत किए गए थे जिसमें से जमीन और भवन आदि के कारण 31 ही प्रारंभ हो सके हैं। छत्तीसगढ़ में 6 केन्द्रीय विद्यालय स्वीकृत हुए थे, जिसमें राज्य सरकार के सहयोग से सभी 6 प्रारंभ हो गए हैं। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में केन्द्रीय विद्यालय के लिए जो सुन्दर व्यवस्था की गई है वैसे तो केन्द्रीय विद्यालय भी नही है। रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय नगर में संचालित केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-2 में अभी कक्षा पहली से 12वीं तक दो-दो सेक्शन है, यहां की मांग को देखते हुए अगले सत्र से सभी कक्षाओं के दो-दो सेक्शन और प्रारंभ किए जाएंगे। इससे करीब 1000 बच्चों को यहां प्रवेश मिल सकेगा।
कलेक्टर रायपुर और अध्यक्ष केन्द्रीय विद्यालय नया रायपुर ओपी चौधरी ने कहा कि, केन्द्रीय विद्यालय नया रायपुर के अपने भवन निर्माण तक यहां एनआरडीए के रैन बसेरा वाले भवन में इसे संचालित किया जा रहा है। इस भवन में जिला खनिज न्यास से 60 लाख में भवन के रेनोवेशन सहित फर्नीचर, कम्प्यूटर, प्रोजेक्टर, एलईडी, वाटर कूलर, स्पोट्र्स और म्यूजिक इन्स्ट्रूमेंट, लाइब्रेरी आदि संसाधन उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम में एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश बंसल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीलेश क्षीरसागर, नगर निगम के आयुक्त रजत बंसल, केन्द्रीय विद्यालय संगठन की उपायुक्त चंदना मण्डल सहित विद्यालय के शिक्षक, बच्चे और उनके अभिभावक भी उपस्थित थे।

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