छत्तीसगढ़

कांग्रेस नेता की सरपरस्ती में चल रही थी नकली शराब की फैक्ट्री, कई खाकीधारियों के चहेते विनय सिंह ठाकुर की तलाश में जुटा आबकारी विभाग

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़: रायगढ़ में अवैध एवं नकली शराब की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद न केवल शराब माफियाओं में बल्कि पुलिस विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है। कार्रवाई आबकारी विभाग ने की है लेकिन पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने के बाद डीजीपी डीएम अवस्थी ने कोतवाली थाने में पदस्थ एसआई आरएस नेताम, एएसआई रमेश बेहरा को सस्पेंड कर दिया है। वही, ASP और CSP को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

आपको बता दें कि विनय सिंह ठाकुर कई ख़ाकीधारियों का चहेता है जिसकी तलाश अब आबकारी विभाग की टीम कर रही है।रायगढ़ में हुई इस कार्रवाई के पूर्व भी प्रदेश के डीजीपी डीएम अवस्थी ने अवैध शराब मिलने पर राज्य में कई पुलिस अधिकारियों पर सस्पेंशन की कार्रवाई की है। डीजीपी ने कहा है कि अवैध शराब मिलने पर सीधे सम्बंधित थाना प्रभारी जिम्मेदार होंगे और सस्पेंशन की कार्रवाई की जाएगी।

पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी रायगढ़ प्रवास के दौरान यहां अन्य जिलों से ज्यादा अवैध शराब की बिक्री होने का आरोप लगाया था। इसके अलावा अन्य वरिष्ठ एवं प्रदेश स्तरीय नेताओं ने भी इस प्रकार के आरोप लगाए थे।

क्या है पूरा मामला

रायगढ़ के कोतरा रोड क्षेत्र में अवैध शराब की सप्लाई की जा रही थी। यहां एक मकान को किराए में लेकर वहां दूसरे राज्य की शराब से छत्तीसगढ़ की महंगी ब्रांड की शराब बना कर बेचा जा रहा था। जहां मुखबिर से सूचना मिलने के बाद आबकारी अमला की उड़नदस्ता टीम व स्थानीय आबकारी अमला ने मौके पर दबिश दी और यहां से लगभग दो लाख रूपए की अवैध शराब व बाटलिंग की जाने वाली मशीन को जब्त किया। मामले में अपराध कायम कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले में पुलिस विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।

विनय सिंह पर काफी पहले से लगते आ रहे हैं इस प्रकार के आरोपविनय सिंह पिछले कई सालों से इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त रहा है। जाहिर है इसकी जानकारी न केवल आबकारी विभाग और पुलिस विभाग को भी रही है। बावजूद इसके न तो आबकारी विभाग ने बल्कि पुलिस विभाग ने भी चुप्पी साध ली, अब अचानक हुई कार्रवाई के कई मायने निकल रहे हैं।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button