कटबांध की मरम्मत नहीं होने से किसान परेशान, जिम्मेदार मौन

जागेश्वर सिन्हा

बालोद।

सरकार किसानों के विकास की लाख बात कर ले। मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। किसान मदद के लिए आवेदन पर आवेदन तो दिया मगर आज तक मदद की आवाज नहीं आई ।

किसान आज भी मदद की आस में राह देख रहे हैं कि कब उनके आवेदन पर मुहर लगेगी। आपको बता दें कि जिले के गुरुर विकासखंंड के अंतिम छोर में बसा ग्राम डोटोपार में स्थित खारुन नाला के पानी को रोकने 10 से 12 वर्ष पहले कट बांध बनाया था जो तीन साल पहले तेज बारिश के चलते तेज बहाव ने साइड की जमीन को काटकर बह दिया।

जिस वजह से इस डेम में बारिश का पानी बांध में नहीं रुकता । जिसका खमियाजा यहां के किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

-मरम्मत के लिए आवेदन पर आवेदन

बता दें कि इस कट बांध के नव निर्माण व मरम्मत को लेकर क्षेत्र के किसानों द्वारा सांसद विक्रम उसेंडी, जनदर्शन ,जन निवारण शिविर सहित जनप्रतिनिधि व सम्बन्धित विभाग को सेकड़ो आवेदन दिया पर जिम्मेदारों व संबंधित विभाग द्वारा मरम्मत के लिए जरा सा ध्यान नहीं दिया गया।

जिससे हालत जस की तस बनी हुई है। वहीं इस दयनीय समस्या का किसी भी प्रकार के निदान नहीं होने से क्षेत्र के किसानों में सरकार के प्रति नराजगी बनी हैं।

-किसान खेत में सिंचाई के पानी लिए मोहताज

यह कट बांध से ग्राम पड़कीभाट,डोटोपार कोसगोंदी के लगभग 1500 हेक्टेयर किसानों के खेत सिचाई के लिए निर्भर है। मगर कट बांध में पानी नहीं रुकने की वजह से किसान खेतों में समय पर सिंचाई नहीं कर पाते जिस वजह से समय पर फसल पक नहीं पाते और बोदरा में बदल जाता है।

साथ ही धान की उत्पादन में कमी भी हो जाता है। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसानी उठाना पड़ता है। और इस वर्ष भी किसानों को यही स्थिति से गुजरना पड़ रहा है।

-ग्रामीणों ने क्या कहा-

ग्राम डोटोपार के किसान कबिलास साहू ,दुष्यंत साहू,गोपी साहू ,चरित साहू,पंचुराम निषाद ललित साहू, ने कहा की मरम्मत को लेकर कई बार आवेदन दिया पर कोई पहल नहीं हुआ। बांध में पानी नहीं रुकने से सिंचाई नहीं हो पाती है। जल्द ही मरम्मत कर किसानों को राहत देना चाहिए।

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