भाई दूज का पर्व भाई-बहन के प्यार का प्रतीक, जानिये पूजा के शुभ मुहूर्त…

भाई दूज आज 6 नवंबर को मनाया जा रहा है। भाई दूज का पर्व भाई-बहन के प्यार का प्रतीक है। इस त्योहार को भाई टीका, यम द्वितीया आदि नामों से भी जाना जाता है। ये पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करती हैं। मान्यता है कि इस दिन मृत्यु के देवता यम अपनी बहन यमुना के बुलावे पर उनके घर भोजन के लिए आये थे। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं। भाई-बहन के प्यार और स्नेह के प्रतीक इस पर्व को यम द्वितीया भी कहते हैं। इस दिन बहनें अपनी भाई की समृद्धि, खुशहाली और दीर्घ आयु के लिए प्रार्थना करती हैं।

इन 5 चीजों के बिना अधूरा माना जाता है भाई-दूज का त्योहार

ज्योतिष के अनुसार भाईदूज के दिन आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। इससे आपको मनचाहे फल की प्राप्ति होगी। अपने भाई की लंबी उम्र की कामना के लिए इस दिन यमुना में नहाने का विशेष महत्व है। अगर आप नदी में स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो घर में नहाते वक्त पानी में थोड़ा यमुना का जल मिला लें। इससे भाई बहन की जोड़ी हमेशा सही सलामत बनी रहेगी। भाई दूज पर बहन अपने भाई की आरती उतारती है। आपको पूजा की थाली में रोली, फूल, चावल के दाने, सुपारी, पान का पत्ता, चांदी का सिक्का, नारियल, फल, फूल, मिष्ठान, कलावा और दूब घास जरूर रखनी चाहिए। इन चीजों के बिना ये त्योहार अधूरा माना जाता है।

भाई दूज पूजा मुहूर्त

भाई दूज अपराह्न समय- 01:10 PM से 03:21 PM
अवधि – 02 घण्टे 11 मिनट
द्वितीया तिथि प्रारम्भ- 05 नवम्बर 2021 को 11:14 pm बजे
द्वितीया तिथि समाप्त – 06 नवम्बर 2021 को 07:44 pm बजे

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