परसदा में दीपावली का पर्व हर्ष व उमंग के साथ मनाया गया

दीपक वर्मा

अभनपुर. समीप ग्राम परसदा में अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व दीपावली हर्ष व उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर धनतेरस के दिन मिट्टी के तेरह दीप जलाकर भगवान धनवंतरी की पूजा अर्चना की गई।दूसरे दिन नरक चौदस के अवसर पर ग्रामवासियो के द्वारा प्रातः स्नान कर यमदेव की पूजा अर्चना किये।लक्ष्मी पूजा के दिन घरों में रंगोली सजा लक्ष्मी पूजन कर सुख व समृद्धि की कामना करते हुए एक दूसरे को मिठाई खिलाकर दीपावली की शुभकामनाएं दी।लक्ष्मी पूजन के पश्चात देर रात तक गौरा गौरी वाले कलशा परघाने बाजे गाजे के साथ घर घर जाकर दिये, तेल एवं करसा एकत्र की।उसके बाद मिट्टी के बनाये गये गौरा गौरी को गौरा चौक में स्थापित कर उनकी विधिवत पूजा अर्चना की गई।

तत्पश्चात सुबह बाजे गाजे के साथ श्रद्धालुओं के द्वारा तालाब में विसर्जित किया गया। गोवर्धन पूजा के दिन सभी लोग अपने अपने घरों में गाय व बैलों को खिचड़ी खिलाकर उनकी पूजा किये।इस दौरान रावत बंधुओ द्वारा सोहई बांधने का काम घूम घूम कर किया गया।शाम होते ही समस्त ग्रामवासी साहड़ा चौक पर एकत्रित होकर गोवर्धन पूजा की।

तत्पश्चात एक दूसरे को गोबर का टीका लगाकर बधाई देते हुए भाईचारे की परिचय दिया। भाई दूज के अवसर पर बहन प्रातः स्नान कर नवीन वस्त्र धारण कर अपने भाइयों की आरती उतारकर उनकी कलाई में राखी बांधकर अपनी रक्षा का वचन लिया। इस अवसर पर पूरन लाल साहू शिक्षक ने बताया कि भाईदूज का पर्व प्यार और दुलार का प्रतीक है।इस दिन बहन अपनी भाइयो के कलाई में राखी बांधकर उनकी लम्बी उम्र की कामना करती है।

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