छत्तीसगढ़

वनरक्षक ने रेंजर को जमकर लगाई लताड़, पूरा वन अमला सिहर उठा

फिर एक बार कटघोरा वन मण्डल बना सुर्खियों का विषय, जमकर हो रही किरकिरी

अरविन्द शर्मा:
कटघोरा clipper 28: वैसे तो कटघोरा वन मण्डल कई बार शुमार मामलो को लेकर चर्चाओं का विषय बन चुका है।फिर चाहे वो वन परिचेत्र एतमानगर के मानगुरु में हजारों अवैध पेड़ो की कटाई का मामला हो या फिर वन परिचेत्र केन्द्ई में एक मादा हाथी की दर्दनाक मौत पर डीएफओ के निलंबन की बात हो।

ऐसे ही कई तरह के कारनामों से भरा कटघोरा वन मण्डल किसी न किसी मामले को लेकर सुर्खियों का विषय बन ही जाता है।इस बार का यह वाक्या पूरे कटघोरा वन मण्डल को शर्मसार कर देने वाला है जहाँ एक वन रक्षक ने अपने ही परिछेत्राधिकारी को कानून का पाठ पढ़ाकर तार तार कर दिया है।

कानून का पाठ पढ़ाने के साथ साथ सरेआम जमकर खरीखोटी तक सुना डाली है।आखिर एक वन रक्षक क्यो इस कदर अपनी मर्यादा भूल गया कि अपने ही अधिकारी को लज्जित होना पड़ा?

दरअसल यह पूरा वाक्या कटघोरा वन मंडल के अधीनस्थ वन परिचेत्र कटघोरा के बांकी मोगरा बीट का है जहाँ वन रक्षक शेखर सिह रात्रे की गैरमौजूदगी में कटघोरा रेंजर मृत्युंजय शर्मा और डिप्टी रेंजर दर्री अजय कौशिक के निर्देश पर कटघोरा वनरक्षक राम कुमार यादव ने बांकी वन छेत्र से 353 नग बांस की कटाई कर दी है।

जैसे ही इस बात की सूचना बांकीमोंगरा के वनरक्षक शेखर सिह रात्रे को मिली तो वह तत्काल आनन फानन में मोके पर पहुँचे और कटाई के कार्य मे लगे 11 मजदूरों के पास से 11 नग कुल्हाड़ी जप्त कर उनके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 के अंतर्गत धारा 26 (1) ‘क’ के तहत माकूल कार्यवाही को अंजाम भी दिया।

इस कार्यवाही के तहत आरोप तय करते हुए कटघोरा रेंजर मृत्युंजय शर्मा,डिप्टी रेंजर अजय कौशिक,वन रक्षक रामकुमार यादव व 11 अन्य मजदूरों के विरुद्ध समुचित कार्यवाही कर डाली।

मिली जानकारी के अनुसार वन छेत्र बांकीमोंगरा के वनरक्षक शेखर सिह रात्रे की गैर मौजूदगी में वन छेत्र से जिन बांसो की कटाई की गई है उनमें करला,महिला व पकिया श्रेणी के बांस की उच्च किस्मे मौजूद हैं।

बांकी मोगरा वन छेत्र आरक्षित वन की श्रेणी में आता है और बांस की कटाई के लिए कोई ऊपरी आदेश जारी नही किया गया है।मौसम के दृष्टिकोण से यह सीजन अभी करील का है इस हिसाब से अभी इसकी कटाई भी नही की जा सकती। –वन रक्षक शेखर सिह रात्रे

रेंजर मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि–“मैंने केवल तिरछे गिरे पड़े और सूखे बांसों की कटाई करने के लिए ही कहा था..अन्य प्रकार की कटाई के लिए मेरी अनुमति नही थी”
—-रेंजर कटघोरा मृत्युंजय शर्मा

कटघोरा रेंजर मृत्युंजय शर्मा

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