वन अधिकार पट्टा से पात्र हितग्राही वंचित होने न पाये : कलेक्टर

हितेश दीक्षित:

गरियाबंद: राज्य शासन के मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा जिले के प्रत्येक पात्र हितग्राही को वन अधिकार पट्टा दिया जायेगा। कलेक्टर श्याम धावड़े के मार्गदर्शन में वन, राजस्व और पंचायत विभाग के मैदानी अमले द्वारा अभियान चलाकर हितग्राही चयन व सत्यापन की प्रक्रिया किया जा रहा है।

इसी कड़ी में आज जनपद पंचायत कार्यालय छुरा के सभाकक्ष में कलेक्टर धावड़े की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने वन अधिकार पट्टा हेतु हितग्राही चयन के संबंध में शासन के मार्गदर्शी निर्देशों से अवगत कराते हुए बताया कि वन अधिकार मान्यता अधिनियम 2006 के अनुसार वन अधिकार पट्टा हेतु वे हितग्राहि पात्र होंगे, जो 13 दिसम्बर 2005 के पहले अथवा जिनका तीन पीढ़ी काबिज भूमि के कास्तकार हो।

पत्ता के लिए जाति बंधन नहीं

उन्होंने कहा कि इसके लिए जाति बंधन नहीं है। हितग्राही किसी भी जाति का हो सकता है। जिनका पूरा जीविकोपार्जन वन पर आधारित हो, उनको वन अधिकार पट्टा दिया जायेगा। कलेक्टर धावड़े ने क्षेत्र में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार और भुंजिया को वन अधिकार पट्टा प्राथमिकता के साथ देने के साथ जोर देते हुए कहा कि पटवारी, वन क्षेत्र रक्षक, पंचायत सचिव, समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करे कि कोई भी पात्र हितग्राही वन अधिकार पट्टा से वंचित न होने पाये।

उन्होंने कहा कि पूर्व में छुटे हितग्राहियों के आवेदन का भी परीक्षण किया जाये। ऐसे हितग्राहियों का ग्राम स्तरीय समिति की बैठक में सत्यापन कराकर अभियान से लाभान्वित किया जाए। कलेक्टर ने हिदायत दी कि वन अधिकार पट्टा हेतु हितग्राही चयन और सत्यापन में कहीं से भी किसी प्रकार की शिकायते नहीं मिलनी चाहिए।

वहीं पात्र हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेज के लिए परेशान न किया जाए। ग्राम स्तरीय बैठक में बड़े-बुजुर्ग, पटेल और कोटवार की जानकारी व मौखिक साक्ष्य को भी आधार मानकर हितग्राहियों का चयन किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित चार हेक्टेयर भूमि तक का ही वन अधिकार पट्टा दिया जाना है।

उन्होंने वन्य जीव जन्तुओं के संरक्षण व पर्यावरण के संवर्धन के लिए अवैध रूप से वनों की कटाई को रोकने लोगों की समझाईश देने की बाते भी कही, साथ ही वन्य प्राणियों के लिए जंगलों में पानी की व्यवस्था के लिए डबरी या छोटे बांध निर्माण करने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया।

कलेक्टर ने शासन के मंशा के अनुरूप नरवा, गरवा, घुरूवा और बाड़ी की कल्पना को जिले में मूर्त रूप देने मैदानी अमले को निर्धारित कार्य योजना के अनुसार कार्यो में प्रगति लाने कहा। बैठक में राजस्व अनुविभागीय अधिकारी बी.आर. साहू, जनपद सीईओ सहित अन्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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