शिक्षकों की लापरवाही से बच्चों का भविष्य हो रहा चौपट

जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

राज शार्दूल

कोण्डागांव।

शिक्षकों की लापरवाही के चलते मर्दापाल क्षेत्र के आदिवासी अंचल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति नहीं के बराबर होती है। शिक्षक स्कूल से गायब रहते हैं और उपस्थिति कागजों में लगती रहती है। जो शिक्षक स्कूल आते भी हैं तो समय पर नहीं पहुंचते, थोड़ी देर स्कूल में रहने के बाद लौट जाते हैं। ज्यादातर स्कूलों में तालाबंदी रहती है।

वहीं कई स्कूलों में बच्चे धमाचौकड़ी करने के साथ मिड डे मील का भोजन कर लौट जाते हैं। मंगलवार को जब हमारे प्रतिनिधि ने स्कूलों का निरीक्षण किया तो हकीकत सामने आई।

मंगलवार को मर्दापाल क्षेत्र के मटवाल संकुल अंतर्गत प्राथमिक शाला राकसमेटा में ताला लटका मिला। ग्रामीण सायबी राम कश्यप ने बताया कि शिक्षक बालसिंह नुरूटी कभी आते हैं और कभी नहीं आते। मनमर्जी ढंग से स्कूल संचालित होता है।

स्कूल के पास खेल रहे बच्चों को पूछने पर बताया कि एक सप्ताह से मध्यान्ह भोजन नहीं मिल रहा है। वहीं लगभग दो बजे मुंडीपदर के पास कुधूर के प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला के शिक्षक वापस जाते हुये दिखे। स्कूल पहुंचने पर ताला झूलता नजर आया। पास में ही राशन दुकान में आये ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक डेढ़ बजे स्कूल बंद कर चले गये। यही हाल गुमियापाल, तुमड़ीवाल के स्कूलों का भी रहा।

अंदरुनी क्षेत्र में बदहाली के आलम में चल रहे इन स्कूलों के पीछे जिला शिक्षा अधिकारी के साथ साथ ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारियों की भूमिका बेहद ही संदिग्ध मानी जा रही है।

पड़ताल में यह बात सामने आई है कि अंदरुनी व वनांचल क्षेत्रों में स्कूल भगवान भरोसे चल रहे अथवा समय-बेसमय खुल रहे हैं।

इन स्कूलों की संपूर्ण जानकारी ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को पूरी जानकारी होती है, परंतु स्कूल में कार्यरत शिक्षकों से साठ-गांठ होने के कारण तथा अपने निजी स्वार्थ में ये शिक्षक हजारों बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने से नहीं चुक रहे हैं।

निरीक्षण तंत्र फेल – स्कूली शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लाक शिक्षा अधिकारी, एबीईओ, बीआरसी, बीआरपी, संकुल समन्वयकों को स्कूलों के नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी दी है। सभी स्कूलों से किसी न किसी पदाधिकारी व बीआरपी- संकुल समन्वयक को टैग किया गया है। इसके बाद भी समय से शिक्षकों का विद्यालय नहीं आना, संचालन ठीक से नहीं होना, पूरे निरीक्षण तंत्र पर सवाल खड़ा कर रहा है।

लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ होगी कार्रवाई

कोण्डागांव बीईओ एमआर कश्यप ने कहा कि आपके माध्यम से जानकारी मिली है। जांचकर लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही करूंगा।

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