छत्तीसगढ़

भूमाफियाओं और राजस्व अधिकारियों की आपसी मिलीभगत से अवैध प्लाटिंग का खेल जोरो पर..!

जिले में भूमाफियाओं और राजस्व अधिकारियों की आपसी मिलीभगत से अवैध प्लाटिंग का खेल जोरो पर चल रहा है,जिसपर अंकुश लगना फिलहाल की स्थिति में असम्भव सा लगने लगा है

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा
संवाददाता : मनीषा त्रिपाठी

जिले में भूमाफियाओं और राजस्व अधिकारियों की आपसी मिलीभगत से अवैध प्लाटिंग का खेल जोरो पर चल रहा है,जिसपर अंकुश लगना फिलहाल की स्थिति में असम्भव सा लगने लगा है,वही राजस्व अधिकारी इस पर लाख दावे करते रहते है कि उनके क्षेत्र में सभी कार्य जैसे अवैध प्लॉटिंग,नामांतरण, सीमांकन राजस्व नियमो के तहत किया जा रहा है,लेकिन उक्त सभी बातें सिर्फ बोलने में सही लग रही बाकी तो हाल सभी के सामने है,टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने 2010 से 2016 तक अवैध प्लाटिंग के खिलाफ 600 मामले दर्ज तो किया,परंतु कार्यवाही किसी में नही हुई,देखा गया कि मामला सिर्फ नोटिस तक ही सीमित रह गया।

बिजौर स्कूल के पीछे

वर्तमान में ऐसा ही एक मामला शहर से लगा हुए बिजौर स्कूल के पीछे का,जानकारी के मुताबिक खसरा न. 480/1 बहतराई में जो राजस्व अधिकारियों की दावों का पोल खोल रहा है,कृषि भूमि को बिना टीएनसी अनुमति के प्लॉटिंग कर अवैध रूप से विभिन्न टुकड़ों में भूमाफियाओं द्वारा बेचा जा रहा है,सोच का विषय है कि इन मामले में अतिरिक्त तहसीलदार से ले कर एसडीएम तक मौन क्यो है,और वे भूमाफियाओं पर कार्यवाही क्यो नही कर रहे है,बड़ा सवाल यह है कि क्या भूमाफियाओं के साथ राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत है..???

मामले में पटवारी का कहना है कि हो रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ एसडीएम को लिखित में शिकायत दे दिया है,हालांकि पटवारी अक्सर अपने बचाव के लिए ऐसा ही करते है,फिर राजस्व अधिकारी भूमाफियाओं के खिलाफ कार्यवाही क्यो नही करते है,क्या भूमाफियाओं से मोटी रकम इन अधिकारियों को मिलती है,इस लिए कार्यवाही के नाम पर नोटिस का खेल चलता है,आज तक ऐसे कितने भूमाफियाओं पर राजस्व विभाग ने कार्यवाही किया है,

बिलासपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के चारो तरफ भूमाफियाओं का खेल चल रहा है और राजस्व अधिकारी मालामाल हो रहे है,शायद यही कारण है कि राजस्व अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी में लगातार शिकायते हो रही है,पटवारी से लेकर आरआई तक अतिरिक्त तहसीलदार से लेकर एसडीएम तक करोड़ो रुपये काली कमाई की है,इन भ्रष्ट अधिकारियों के सामने एसीबी बौना और लाचार नजर आ रही है,फिरहाल अब देखने वाली बात यह होगा कि कब इन भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही होती है,और इन भू-माफियाओं पर क्या प्रशासन कार्यवाही करेगा या उन्हें खुलेआम इस तरह कार्य करने दिया जाएगा।

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