कोरगांव में हिंसा के मामले में जाने-माने सोशल एक्टिविस्ट गिरफ्तार, राहुल ने की निंदा

गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा

कोरेगांव : पुणे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने हिंसा से जुड़े मामले में देश के कई हिस्सों में कई एक्टिविस्ट और माओवादी नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की. इनमें सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरा, वर्नोन गोनसाल्विस, गौतम नवलखा और वरवारा राव के ठिकाने शामिल हैं.

ये छापेमारी महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, दिल्ली और झारखंड में की गई. पुणे पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की.

हिंसा के मामले में पुलिस ने पांच जाने-माने सोशल एक्टिविस्ट को गिरफ्तार किया है. इनमें सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरा, वर्नोन गोनसाल्विस, गौतम नवलखा और वरवारा राव शामिल हैं. पुलिस का आरोप है कि इन सामाजिक कार्यकर्ताओं के कारण ही भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़की थी.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर कड़ा विरोध जताया है. राहुल गांधी ने गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है.

राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा,

‘भारत में केवल एक NGO के लिए जगह है, जिसे आरएसएस के नाम से जाना जाता है. अन्य सभी गैर सरकारी संगठनों को बंद कर दो. सभी कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दो और जो शिकायत करें उन्हें गोली मार दो. नए भारत में आपका स्वागत है.’

छापेमारी, गिरफ्तारी का हो रहा विरोध

सीपीआई नेता प्रकाश करात ने भीमा-कोरेगांव मामले में की गई छापेमारी और गिरफ्तारियों पर कहा, ‘यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर बड़ा हमला है. हम मांग करते हैं इन लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी केस वापस लिए जाएं और उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जाए.’

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