UGC ने विदेश से पीएचडी करने वाले भारतीयों को दिया ये तोहफा

ऐसे हो जाएंगे नियुक्ति के नियम, इन विषयों में मिलेगा मौका

भारतीय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पीएचडी पास उम्मीदवारों के लिए एक शानदार तोहफा दिया है। बता दें कि जो उम्मीदवार विदेश से पीएचडी करके आते तो ऐसे डिग्रीधारक अब भारतीय विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर सीधी भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे।

विदेश के 500 शीर्ष विश्वविद्यालयों के डॉक्टरेट (पीएचडी) डिग्रीधारकों को भारतीय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने शानदार तोहफा दिया है। ऐसे डिग्रीधारक अब भारतीय विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर सीधी भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे।

हाल ही में भारतीय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार मीडिया से ये जानकारी मिली हैं कि, इस नई प्रणाली से भारतीय छात्रों को घरेलू विश्वविद्यालयों में ही वैश्विक प्रतिभाओं से सीखने का मौका मिल पाएगा।

ऐसे भारतीय विद्यार्थी जो मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना आवश्यक है।

जो विद्यार्थी विदेश से पीएचडी करके आएंगे उनको न्यूनतम अंक व लिखित परीक्षा में राहत दी जाएगी। लेकिन ऐसे विद्यार्थीयों को साक्षात्कार में पास होना अनिवार्य होगा।

भारतीय विश्वविद्यालय से पास युवकों के लिए इस सीधी भर्ती के लिए 55 प्रतिशत अंक होना बहुत आवश्यक है।

ऐसे हो जाएंगे नियुक्ति के नियम

– किसी भी भारतीय या मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से कम से कम 55 फीसदी अंकों के साथ मास्टर डिग्री अनिवार्य

– यूजीसी या सीएसआईआर की तरफ से आयोजित राष्ट्रीय योग्यता परीक्षा (नेट) या स्लेट, सेट आदि उत्तीर्ण करना होगा

– भारतीय विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वालों के लिए सीधी भर्ती का मौका होगा, लेकिन मास्टर डिग्री में 55 फीसदी अंक होने चाहिए

– विदेशी विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वालों के लिए मास्टर डिग्री में न्यूनतम अंक व लिखित परीक्षा से छूट, लेकिन इंटरव्यू में आंका जाएगा प्रदर्शन

इन विषयों में मिलेगा मौका
आर्ट्स, कामर्स, मानविकी, एजुकेशन, कानून, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, भाषा, लाइब्रेरी साइंस, फिजिकल एजुकेशन और पत्रकारिता व जनसंचार।

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