बच्चों में डाले अकेले सोने की आदत जिससे बने वो स्ट्रांग

8 ज्यादा से ज्यादा 10 साल की उम्र तक बच्चे में अलग सोने की आदत विकसित करें

बच्चे जितने बड़े होते जाते हैं उनके अंदर कई तरह के बदलाव दिखाई देने लगते हैं। इस बदलाव और जरूरतों को समझना पेरेंटस की जिम्मेदारी होती है।

वहीं इसके साथ बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं उनको अकेले सोने की आदत डालनी चाहिए। 8 ज्यादा से ज्यादा 10 साल की उम्र तक बच्चे में अलग सोने की आदत विकसित करें।

इससे वह स्ट्रांग होगा,उससे अंदर का डर निकल जाएगा और आपको भी प्राइवेसी मिलेगी। आप भी इस जरूरत को समझते हैं लेकिन बच्चो को इसके लिए तैयार नहीं कर पा रहे तो जानें कब करें बच्चे को अलग सुलाने की शुरुआत।

कब और कैसे करें शुरुआत


यह बात बिल्कुल सही है कि एक रात में ही बच्चे में अलग सोने की आदत नहीं विकसित की जा सकती। मां के साथ सोने से बच्चे को खुशनुमा और सुरक्षा का अहसास होता है।

इसके लिए आपको शुरुआत करनी होगी। वैसे तो इसके लिए कोई निर्धारित समय नहीं है लेकिन कई बार बच्चे खुद भी इस बात को समझने लगते हैं कि उन्हें अकेला सोना चाहिए। आप 8 साल की उम्र के बाद ऐसी कोशिश कर सकते हैं।

एकदम नहीं धीरे-धीरे करें शुरुआत


बच्चे से इस बारे में बात करें। धीरे-धीरे बीच में एक दिन उसे अकेला सुलाएं। बीच-बीच में उसका ध्यान भी रखें। उसे इस चीज की आदत पड़नी शुरु हो जाएगी।

उसकी पसंद से सजाएं कमरा


बच्चे को सजा हुआ कमरा पसंद होता है। उसकी पसंद के हिसाब से उसका कमरा सजाएं। कमरे में जरूरत का हर सामान मौजूद होना चाहिए। आप कम बजट में क्रिएटिव तरीके से भी उसकी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। इससे कमरे में उसकी मन लगा रहेगा।

अलग सोने के फायदे

अगर बच्चा अकेला सोता है तो उसमें आत्मविश्वास आना शुरु हो जाता है। इसके साथ उसके मन से डर निकलना शुरु हो जाता है। उसे अपने काम खुद करने की आदत पड़ जाती है। इसके साथ ही आप भी पार्टनर के साथ वक्त बिता पाएंगे।

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