क्राइमछत्तीसगढ़

प्रदेश में आरंग बना अवैध रेत खनिज माफियाओं का गढ़, बिना लीज़ के रेत खदान का संचालन

दीपक वर्मा, आरंग(रायपुर)

खनिज विभाग एवँ शासकीय अमला व जनप्रतिनिधियों सहित जनपद आरंग का मिलीभगत से रेत खदान का संचालन
प्रदेश में रेत खदानो की नीलामी से माफ़ियाराज का बोलबाला
समय रहते प्रशासन रेत के काले कारोबार पर लगाम नहीं लगाये तों मध्य प्रदेश जैसे गंभीर हालात होने में समय नहीं लगेगा

आरंग: विकासखंड में महानदी कई गाँवों से होकर गुजरी हैं। जहाँ खनिज संपदा का अथाह भंडार पर सरकार कीं नहीं खनिज माफियाओं का क़ब्ज़ा हैं ? कहना अतिशयोक्तिपूर्ण नहीं होगी।

राज्य कीं भूपेश बघेल जीं की सरकार ने छत्तीसगढ़ में नई खनिज नीति लाई शासन की मंशा राज्य में विकाश की कार्य सुगमता से आगे बड़े राज्य के नागरिकों को खनिज के रूप में रेत की आपूर्ती सस्ती दर में रेत उपलब्ध हों सके तथा राज्य शासन को उक्त रेत से रॉयल्टी प्राप्त होगी जिससे प्रभावित ग्राम पंचायत एवं राज्य का समुचित विकास हो सके किन्तु उक्त नीति को खनिज विभाग सरकार के मंशा के अनुरूप तथा जनता के हित में साकार करने मे असफल नज़र आ रही हैं।

राज्य सरकार की मंशा सोच के अनुरूप नई खनिज निती जनता क़ो सस्ती दर में रेत उपलब्ध कराने कि भरोसा दिया था।पर खनिज विभाग के वर्तमान कार्यपप्रणाली से धरातल पर सही नज़र नहीं आ रही हैं।

क्या …….,. कार्यवाही नहीं करने हेतु खनिज विभाग के अमले को क्या किसी का दबाव हैं अथवा विभाग कीं लचर व्यवस्था इसका कारण है। भविष्य तय करेगी। क्योंकि उक्त नीति का कढ़ाई से पालन खनिज विभाग करने में नाकाम है। क्योकि राजधानी से लगा आरंग विकास खंड के अंतर्गत आने वाली रेत खदान में सभी नियम क़ायदों की धज्जी उड़ाकर सरकार एवं जनता को चुना लगाने में क़ोई कसर नहीं छोड़े हैं।

यहाँ की रेत खदान जो शासन से स्वीकृत है एवं अस्वीकृत अवैध रेत खदान का संचालन में प्रशासन रेत खदानो में लगाम लगाने में असफल नज़र आ रही है।

स्वीकृत रेत खदानो का काला कारनामा शासन ने 98 रूपये घन मीटर लोडिंग चार्ज इस प्रकार हाईवा में रेत लोडिंग का चार्ज 10 घन मीटर में @ 980 रुपये पीटपास का 500 रुपये 200 रुपये अन्य टेक्स निर्धारित है जो कीं 1680 रूपये पीटपास सहित गाड़ी लोडिंग पड़ेगा जहाँ आज वर्तमान मे बिना रायल्टी के 5000 पाँच हज़ार गाड़ी ट्रांसपोर्टरो से लें रही है । इस प्रकार शासन की रायल्टी भी चोरी कर रही है तथा आम उपभोक्ताओं के जेब से लोगो को खुलेआम लूट व डाका डाल रही है जिस पर खनिज विभाग आँख मूँदे व काला पट्टी बांध कर बैठी है । रात्रिकालीन शाम सात बजे के बाद रेत खदानों का संचालन पूर्ण रूप से वर्जित है, किंतु शासन द्वारा स्वीकृत खदानों में रात्रि 7 बजे के बाद खुलेआम बेधड़क अवैध रूप से बिना रायल्टी के रेत उत्खनन हों रही हैं।

और तो और शासन से अस्वीकृत रेत खदान ग्राम चिखली में जहाँ एक ओर ग्राम पंचायत की खदानें हैं और दूसरी ओर जनपद पंचायत की खदान जहाँ दोनों खदान बिना रायल्टी बिना स्वीकृति के खुलेआम संचालित हो रही है। जिससे क्या अधिकारियों का संरक्षण है अथवा नेताओं का संरक्षण है कि खनिज माफ़ियाओं का डर है अथवा मिली भगत सभी स्थितियों मे राज्य सरकार की छवि धूमिल हों रही हैं ।

जिसको लेकर बहरहाल परमानंद जांगड़े पूर्व जिला पंचायत सदस्य व जागरूक व्यक्ति ने राज्य सरकार से उक्त मामले में संज्ञान लेकर कार्यवाही की माँग करते हुए आम जनो को सस्ती दर में रेत उपलब्ध हों इस दिशा मे ठोस पहल करने की माँग किया हैं।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button