छत्तीसगढ़

खबर का असर : जरकेला क्षतिग्रस्त सड़क व पुलिया को देखने पहुँचा प्रशासनिक अमला

जरकेला क्षतिग्रस्त सड़क व पुलिया को देखने पहुँचा प्रशासनिक अमला..फिर से करना चाह रहें थे घटिया निर्माण, ग्रामीणों के विरोध के बाद लौटे वापस.. धड़ल्ले से हैवीलोड वाहनों का आवागमन बदस्तूर जारी..प्रशासन बना धृतराष्ट्र..!

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़: रायगढ़ जिले के तमनार घरघोड़ा पहुंच मार्ग में जरेकेला गांव के समीप बने करोड़ों की लागत से बना सड़क बरसात की पहली बारिश में ही टूट कर घटिया निर्माण की पोल को स्वतः ही उजागर कर दिया था।

विदित हो कि घटिया निर्माण करते हुए पुलिया व सड़क को जोड़ने लिए बिना दीवार बनाये, बिना किसी सपोर्ट के मिट्टी से पाटकर पुलिया को सड़क से जोड़ा गया था। बारिश के कारण किनारे से मिट्टी धंसने के कारण सड़क टूट गई थी।

खबर का असर : जरकेला क्षतिग्रस्त सड़क व पुलिया को देखने पहुँचा प्रशासनिक अमला

इस खबर को रायगढ़ के नम्बर एक न्यूज clipper 28 द्वारा इस खबर को प्रमुखता से समाचार बनाकर प्रकाशित किया था जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के कान खड़े हुए और पूरी प्रशासनिक अमला क्षतिग्रस्त सड़क पर पहुँचे जिसमें पीडब्ल्यूडी के एसडीओ, इंजीनियर, तमनार तहसीलदार व रोड के सुपरवाइजर व अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

ग्रामीण सही निर्माण,जमीन की मुआवजा व अपने बकाया मजदूरी मांग पर अड़े

क्षतिग्रस्त स्थल पर मुआयना करने के पश्चात अधिकारियों ने पुनः मिट्टी भराव का कार्य करने की मंशा जताई लेकिन ग्रामीणों ने उचित सलाह देते हुए पुल के दोनों साइड पहले दीवार बनाने की बात कही ताकि मिट्टी पर पकड़ बनी रहे और वो दुबारा न धंसे, साथ ही साथ जमीन के मुआवजे व मजदूरों द्वारा कार्य किए गए मजदूरी के भुगतान करने के पश्चात ही निर्माण करने देने की बात कही है।

खबर का असर : जरकेला क्षतिग्रस्त सड़क व पुलिया को देखने पहुँचा प्रशासनिक अमला

(ज्ञात हो कि इस पुलिया का निर्माण में ग्रामीणों की जमीन को सरकार द्वारा अधिग्रहण किया गया था जिस का मुआवजा वह काम करने की मजदूरी उन्हें आज तक प्राप्त नहीं हुई है।) तमनार तहसीलदार द्वारा ग्रामीणों को काफी समझाया गया लेकिन ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े रहे ।

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