झीरम का अधूरा सच :कुछ अनछुए पहलू से समाहित है ये पुस्तक

रायपुर : छत्तीसगढ़ में हुए अब तक के सबसे बड़ी नक्सली घटना झीरमघाटी हमले को लेकर अब भी जांच चल रही है। इस हमले अक्सर साजिश की आशंका जताई जाती रही है लेकिन सच सामने नहीं आ सका है। इस घटना को लेकर प्रदेश के आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला और उनकी पत्नी प्रीति उपाध्याय ने एक पुस्तक लिखी है। झीरम का अधूरा सच नाम से लिखी गई इस पुस्तक में झीरम घाटी की घटना का जिक्र है । पुस्तक में घटना के दिन हुए पूरे चीज़ों का जिक्र हैं । इस पुस्तक को बेहद सरल भाषा मे लिखा गया है। झीरमघाटी हमले के 5 बरसी के दिन झीरम का अधूरा सच पुस्तक का विमोचन किया गया । इस मौके पर पुस्तक के लेखक कुणाल शुक्ला ने कहा कि इस पुस्तक को लिखने के लिए उन्होंने आरटीआई के सहारे कुछ दस्तावेज निकाले हैं इसके अलावा जो घटना के चश्मदीद है उनसे जानकरी ली गई है। इस मौके पर घटना के दिन परिवर्तन यात्रा में शामिल हुए कई नेताओं ने इस घटना को लेकर अपनी अपनी बातें रखी । इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव बस्तर से वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के जरिये इस विमोचन कार्यक्रम में जुड़े और पुस्तक का विमोचन किया ।

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