दुकानों का किराया वसूलने नगर पालिका की रुचि नहीं

-लाखों के राजस्व का हो रहा नुकसान

मनेन्द्रगढ़।

नगर पालिका मनेन्द्रगढ़ में अधिकारियों की लापरवाही के चलते विभिन्न स्थानों पर परिषद् द्वारा संचालित शासकीय दुकानों के किराये की वसूली नही हो रही जिसके चलते विभिन्न किरायेदारों पर बकाया की राशि लाखों में पहुंच गई है। इनमें से कई दुकानदार तो ऐसे हैं जिन्होंने 5 साल से ज्यादा हो गये किराये के रूप में नगर पालिका परिषद् को एक रुपए भी जमा नही किया। इससे साफ है कि परिषद् के अधिकारियों, पदाधिकारियों को इससे कोई सरोकार नही है।

उल्लेखनीय है कि नगर पालिका परिषद् मनेन्द्रगढ़ द्वारा बस स्टैण्ड के नीचे, महिला मंडल, हटरी बाजार, पुराना नगर पालिका, नल टंकी के नीचे, नई सब्जी मंडी, ओव्हर ब्रिज के पास कई दुकानों का संचालन किया जा रहा है।

हैरत की बात तो यह है कि इन दुकानदारों में से अधिकांश दुकानदार ऐसे हैं जिन्होंने कई साल से किराया देना बंद कर दिया है। कई दुकानदार ऐसे हैं जिनके ऊपर 30-50 हजार से अधिक के किराये की राशि बकाया है, साफ है कि उन्हें कानून व्यवस्था का कोई भय नही है जिसके चलते वे किराया नही दे रहे।

-नियमों का उड़ा रहे हैं धज्जियां

हैरत वाली बात तो यह है कि कुछ ऐसे भी किरायेदार हैं जिन्होंने खुद तो किराया नहीं दिया और नियमों की धज्जियॉ उड़ाते हुए नगर पालिका की दुकानों को खुद किराये में उठाकर हजारों रुपए प्रतिमाह वसूल रहे हैं। उसके बाद भी नगर पालिका परिषद् के अधिकारी, पदाधिकारी मौन साधे हुए हैं।

-अधिकारियों की अनदेखी

इतनी बड़ी राशि जो किराए के रूप में नगर पालिका को समय रहते मिल जाती तो शहर के कई विकास कार्य तेजी से हो सकते थे लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह राशि धीरे धीरे बढ़ती ही जा रही है। क्योंकि कई किरायेदारों ने यह ठान लिया है कि वे किराया नही देंगे जिसके चलते बकाया राशि का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।

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