दिल्ली सचिवालय में बवाल पर बोले खेतान- दंगे जैसा था माहौल, लोगों ने इकट्ठा होकर की हिंसा

खेतान ने आगे कहा कि इस पूरे वाकये के दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी देखती रही

दिल्ली सचिवालय में बवाल पर बोले खेतान- दंगे जैसा था माहौल, लोगों ने इकट्ठा होकर की हिंसा

एक ओर जहां दिल्ली के मुख्य सचिव अंशू प्रकाश से हाथापाई का मामला गर्म है तो दूसरी तरफ आज दिल्ली सचिवालय में भी आप मंत्री इमरान हुसैन और पार्टी नेता आशीष खेतान के साथ मारपीट की गई। इस मामले में आशीश खेतान ने प्रेस कांफ्रेंस कर सचिवालय में हुए बवाल को दंगे की संज्ञा दे दी।
आशीष खेतान ने कहा कि सचिवालय में दंगे जैसा माहौल था। पहले सचिवालय में भीड़ इकट्ठा हुई जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया। यही नहीं उन्होंने नारे भी लगाए। हम नहीं जानते कि वो कौन थे। सब कुछ सीसीटीवी में कैद है और उसी से साफ हो जाएगा।
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खेतान ने आगे कहा कि इस पूरे वाकये के दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी देखती रही। उन्होंने ये भी कहा कि हमें उम्मीद है कि जिस तत्परता से एलजी और गृहमंत्री ने चीफ सेक्रेटरी की सुनी हमें भी मिलने का समय देकर हमारा भी पक्ष सुनेंगे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर सोमवार शाम हुई एक बैठक के दौरान दिल्ली के मुख्य सचिव अंशू प्रकाश के साथ आप विधायकों की मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में अधिकारियों के दो दल आज दोपहर में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिले।

इसके बाद मामले में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने दिल्ली के उपराज्यपाल से रिपोर्ट मांगी है। राजनाथ सिंह ने कहा कि वह दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ जो हरकत की गई है उससे बहुत दुखी हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मान के साथ और बिना डरे काम करने का माहौल प्रदान करना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि न्याय जरूर होगा। उन्होंने बताया कि दानिक्स अधिकारियों और डीएएसएस अधिकारियों का एक दल आज मुझसे मिला और स्थिति को संभालने की बात कही है।

वहीं इससे पहले दिल्ली के मुख्य सचिव से आम आदमी पार्टी के विधायकों द्वारा की गई हाथापाई से नाराज आईएएस एसोसिएशन आज उपराज्यपाल अनिल बैजल से मिला। इस बैठक के खत्म होने के बाद जब एसोसिएशन की प्रमुख मनीषा सक्सेना बाहर आईं तो उन्होंने कहा कि वो सभी अपने चीफ सेक्रेटरी के साथ हुई बदसलूकी से बेहद आहत हैं।

उन्होंने एलजी से अपनी चिंताएं व्यक्त करते हुए आरोपी विधायकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। मनीषा सक्सेना ने आधी रात को बुलाई गई इस बैठक को पूर्वनियोजित और आपराधिक षड्यंत्र करार दिया।

मनीषा ने आम आदमी पार्टी के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि यह बैठक राशन को लेकर नहीं बल्कि दिल्ली सरकार के तीन साल पूरा होने के उपलक्ष्य में बने एक विज्ञापन से उपजे विवाद को खत्म करने के लिए ही बुलाया गया था।

जब चीफ सेक्रेटरी अंशू प्रकाश वहां पहुंचे तो उनके साथ बदसलूकी और हाथापाई की गई। उन्होंने ये भी कहा कि कुछ समय से दिल्ली के अधिकारियों के साथ इस तरह की बदसलूकी की जा रह है लेकिन हम फिर भी बिना किसी भेदभाव के काम किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने ये जानकारी भी दी कि वह आज दोपहर में गृहमंत्री से भी मिलेंगी और जरूरत पड़ी तो राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें भी इस बात की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग करेंगी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या अधिकारी हड़ताल पर जाएंगे तो वो बोलीं कि नहीं हम काम करेंगे। हम काम करेंगे लेकिन काली पट्टी बांधकर। हम दिल्ली के लोगों को कोई परेशानी नहीं होने देंगे। जैसे हम हमेशा काम करते रहे हैं वैसे ही काम करते रहेंगे।

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