छत्तीसगढ़

वीसा पावर में फिर शुरू हो गया कबाड़ियों का साम्राज्य, पुलिस की सरपरस्ती में कबाडियों को मिल रही चोरी की खुली छूट…

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़: पुलिस तो आती है लेकिन तब जब कबाड़ चोर गिरोह यहां से इत्मीनान के साथ चोरी करके जा चुका होता है… आज सुबह भी पुलिस यहां आई हुई थी और घूम कर चली गई…। यहां कबाड़ चोरों ने गार्ड की बेरहमी से पिटाई की सिर फोड़ डाला शिकायत थाने भी पहुंची लेकिन कुछ नहीं हुआ।

बाहर के सभी गार्ड यहां से इसलिए भाग गए कि कबाड़ी उनकी जान लेने पर तुले रहे और पुलिस मौन तमाशा देखती रही। यह दास्तान है भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम देवरी के समीप स्थित बंद पड़े वीसा पावर प्लांट की…।

कुछ महीनों पहले तक एक उद्योग की तरह रायगढ़ में चल रहे कबाड़ के धंधे ने एक बार फिर से अपनी चमक दिखानी शुरू कर दी है। यूं तो रायगढ़ जिले के सभी थाना क्षेत्रों में अवैध कबाड़ की खरीदी बिक्री और सप्लाई की जा रही है लेकिन भूपदेवपुर थाना क्षेत्र जिले के सभी थानों का इस मामले में सरताज है।

जानकारों की माने तो इस थाने का प्रभारी बनने के लिए टीआई रैंक के अफसरों के बीच होड़ लगी रहती है। दरअसल इस थाने के रेंज में वीसा पावर सहित अन्य उद्योग आते हैं। इन सभी उद्योगों मैं से यदि केवल 2 उद्योगों की बात करें तो एक खरसिया रोड पर स्थित हेक्सा पावर है तो दूसरा सालों से बंद पड़ा वीजा पावर उद्योग है। यह दोनों ही उद्योग कबाड़ को लेकर काफी चर्चा में हैं और पुलिस की अघोषित डायरी में इन दोनों ही उद्योगों का बड़े-बड़े अक्षरों में नाम लिखा हुआ है।

पालू ने पाल रखे हैं 50 से भी ज्यादा कबाड़ चोर…चुनचुना और अभय की खाकी सेटिंग

वीसा पावर में रात होते ही 50 और उससे ज्यादा की संख्या में कबाड़ चोर धावा बोलते हैं। बताया जाता है कि यहां बड़ी-बड़ी गाड़ियां भी लगाई जाती हैं जिनमें बंद पड़े उद्योग के स्ट्रक्चर सहित बिखरे पड़े लोहे को इन गाड़ियों में लोड किया जाता है और आसपास के उद्योगों में खपाया जाता है।

जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक इन कबाड़ चोरों का पालनहार पालू है। इसके इजाजत के बिना कोई भी कबाड़ चोर उद्योग की सीमा के भीतर पर भी नहीं मार पाता। पालू कबाड़ की चोरी करवाता है और उसे अभय और चुनचुना जैसे तस्करों को दे देता है। ताकि आगे की प्रक्रिया यह तस्कर कर सकें।

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