पेड़ में चढ़ा तेंदुआ 12 घंटे बाद नीचे उतरा, वन विभाग की टीम दिनभर रही मुश्तैद

हितेश दीक्षित:

गरियाबंद: बिन्द्रानवागढ़ परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम दर्रीपारा से एक किमी दूर पेड़ में सोमवार को चढे एक तेंदुआ को देखकर ग्रामीणो मे दशहत फैल गई। तेंन्दुआ कब आया और कब पेड़ पर चढ़ा इसे किसी ने नही देखा परंतु अचानक महुआ बिनने गए लोगो की नजर इसमें पड़ी और उनका हक्का बक्का गुम हो गया।

तेन्दुआ को देखते ही लोग घबरा गए और तुरंत गांव की ओर भागे और ग्रामीणो को सर्तक किया। कुछ देर बाद अन्य ग्रामीण यहां भी पहुॅचे तब तक भी तेन्दुआ पेड़ पर ही मौजुद था। इसके बाद ग्रामीणो ने इसकी सुचना वन अमले को दी।

घटना सुबह सात से आठ बजे के बीच

घटना सुबह सात से आठ बजे के बीच की है। रोजाना की तरह ग्रामीण महुआ बिनने जंगल की ओर गए हुए थे तभी दर्रीपारा और खरता के बीच जंगल में सड़क किनारे बीजा पेड़ के उपर चढ़े तेन्दुआ पर ग्रामीणो की नजर पड़ी। तेन्दुआ चढ़े होने की खबर लगते ही कुछ ही देर में दर्रीपारा सहित पूरे अंचल में सनसनी फैल गई।

ग्रामीणो की संख्या देख पेड़ पर ही चढा रहा तेन्दुआ

दर्रीपारा सहित आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में इसे देखने यहां पहुॅच गए। ग्रामीणो की संख्या देख तेन्दुआ भी पेड़ पर ही चढा रहा। कुछ देर बाद यहां वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी पहुॅचे, उनके द्वारा पेड़ को चारो ओर से घेर कर ग्रामीणो को मौके से दूर रहने की समझाइश दी गई।

परंतु बड़ी संख्या में तेन्दुआ देखने पहुचे ग्रामीणो ने उनकी समझाइश दरकिनार कर दी। जिसके चलते बन अमले ने दर्रीपारा कैम्प से पुलिस की सहायता लेनी पड़ी। पुलिस ने मौके पर पहुॅच ग्रामीणो को दूर हटाया। हालाकि इसके बाद भी तेन्दुआ घंटो पेड़ पर ही चढ़ा रहा। दिनभर वन अमले और पुलिस की टीम मौके पर ही मौजुद रही।

दोहपर 12 बजे एसडीओ आरसी मेश्राम भी मौके पर पहुॅचे उन्होने ग्रामीणो को दूर रहने कहा ताकि तेन्दुआ उतर के वहां से भाग निकले परंतु उतारने का कोई उपाय नही मिलने के बाद अंतत उसके स्वत उतरने के जाने का इंतजार किया गया। करीब 12 घंटे बाद देर शाम सात बजे अंधेरा होते और ग्रामीणो की संख्या कम होने के बादतेन्दुआ पेड़ से उतरा और जंगल की ओर भाग गया। इसके बाद वन अमले की टीम वापस लौटी।

ग्रामीणो में दशहत की स्थिति

इधर तेन्दुआ के गांव के समीप होने की खबर से ग्रामीणो में दशहत की स्थिति दिनभर बनी रही कि कही तेन्दुआ किसी पर हमला ना कर दे। यहां मौजुद ग्रामीणो ने बताया कि सुबह सात आठ बजे के बीच तेन्दुआ को पेड़ पर चढ़ा हुआ देखा गया सुबह से ही इस मार्ग से लोगो को आना जाना शुरू हो जाता है लोग पैदल और साइकल से आना जाना करते है गरीमत है कि तेन्दुआ ने किसी पर हमला नही किया। ग्रामीणा ने बताया कि जंगल में तीन तेन्दुआ है और कभी कभी तेन्दुआ गांव के नजदीक आ जाता है एक दो बार छोटे जानवरो को अपना शिकार भी बना चुका है।

इस संबंध में वन विभाग के एसडीओ आरसी मेश्राम ने बताया कि गर्मी के दिन होने के कारण वन प्राणी अक्सर जंगल से बाहर नदी नालो और तालाब तक पानी के लिए आते है। इसी दौरान इस तेन्दुआ के गांव की ओर आने की आशंका है।

उन्होने आशंका की जताई की तेन्दुआ अधिक संख्या में ग्रामीणो को देखकर भय से पेड पर चढ गया होगा। एसडीओ ने वन अमले को निर्देशित किया है कि ग्रामीणो को समझाइश दे कि वनोपज संग्रहण जाने वाले ग्रामीण सतर्क रहे क्योकि गर्मी के दिन के कारण अक्सर वन्य प्राणी पानी तलाश में गांव और गांव के करीब नदी नाले तालाब की ओर कुच करते है। उन्होने कहा कि ऐसे वन्यप्राणी दिखने पर तुरंत वन अमले का सुचना दे और उन पर किसी प्रकार का हमला ना करे। जिससे वे आवेश मे आये।

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