पंजाब के नाभा जेल ब्रेक केस के मास्टरमाइंड को हांगकांग से लाया जाएगा भारत

हांगकांग की कोर्ट ने रोमी के प्रत्यपर्ण के पक्ष में सुनाया फैसला

नई दिल्ली: पंजाब पुलिस और भारत सरकार के समन्वित प्रयासों के साथ हांगकांग की एक अदालत ने पंजाब के नाभा जेल ब्रेक केस के मास्टरमाइंड रमनजीत सिंह रोमी के प्रत्यर्पण के लिए फैसला सुनाया है.

रमनजीत सिंह रोमी कई अन्य बड़े अपराधों में भी आरोपी है. रमनजीत सिंह रोमी अवैध नशे के कारोबार में भी शामिल हैं. उसे जून 2016 में कोतवाली नाभा में गिरफ्तार किया गया था, और उसके कब्जे से नकली क्रेडिट कार्ड और हथियार बरामद किए गए थे.

पंजाब की नाभा जेल से वर्ष 2016 में कैदियों के भागने के सनसनीखेज मामले में फरवरी 2018 में रोमी को हांगकांग से गिरफ्तार किया गया था. उस समय बताया गया था कि रोमी को एक डकैती के सिलसिले में हांगकांग में गिरफ्तार किया गया.

पुलिस अधिकारी ने बताया था कि पंजाब पुलिस ने उसके प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू करने के लिए विदेश मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाया है. उसी दौरान वह हांगकांग भाग गया. रोमी के लापता होने के बाद उसके विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था.

संदेह है कि वर्ष 2016-17 में जालंधर और लुधियाना में हुई लक्षित हत्याओं में भी उसकी भूमिका थी. पंजाब पुलिस के मुताबिक वह गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह शेखों के संपर्क में था. गुरप्रीत उन 6 लोगों में शामिल था जो नवंबर, 2016 में नाभा जेल से भाग गये थे.गुरप्रीत इस कांड का मुख्य साजिशकर्ता था.

पुलिस का कहना है कि माना जाता है कि रोमी ने जेल से भागने वालों को इस काम के लिए पैसे उपलब्ध कराये थे.

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