बिछड़े माँ-बेटे का मिलन देख भाव-विभोर हो उठा जिला अस्पताल महासमुंद परिसर

सोनू सेन:

खरोरा: प्रत्येक नागरिक अपने व्यस्ततम समय में से थोड़ा सा समय अपने सामाजिक दायित्वों को निभाने में दे तो चहु ओर और बेहतर वातावरण निर्मित हो सकता है। ऐसा ही कुछ मानवता को प्रदर्शित करने वाला दृश्य आज जिला अस्पताल परिसर महासमुन्द में देखने को मिला।

जिला पुलिस महासमुन्द में कार्यरत जवान प्रकाश सिंह ठाकुर और अनिल कुमार यादव जब अपने व्यक्तिगत कार्य के लिए जिला अस्पताल खरोरा पहुचे तो उनकी नजर सहसा अस्पताल के एक किनारे मानसिक उलझनों के ताने-बाने में फंसी एक अर्ध विक्षिप्त सी महिला पर जा टिकी, महिला एकदम असहज, असमान्य व विचलित सी नजर आ रही थी किंतु उसकी यह मनोदशा, अस्पताल परिसर में मौजूद अन्य किसी भी जनमानस की नज़र में नही पड़ी।

इंटरनेट पर कोरासी और पचरी को किया गया सर्च

ऐसे में दोनो जवानों ने आसपास मरीजो के साथ आये महिला परिजनो के माध्यम से उक्त मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला के बारे में जानकारी बटोरे। उक्त महिला ने अपनी टूटी-फूटी भाषा मे बहुत से नाम, गाँव, परिचय, और कई बातों का जिक्र किया। गांव का नाम कभी कोरासी तो कभी पचरी बताती थी। इंटरनेट पर कोरासी और पचरी को सर्च किया गया।

अब प्राथमिक स्तर पर उसके परिजनों की खोज शुरू हुई एवं जिला अस्पताल खरोरा महासमुंद में ड्यूटीरत महिला नगर सैनिकों को अपने नजर में रखने हेतु अवगत कराकर दोनो जवान सीधे जिला बाल संरक्षण कार्यालय जाकर वहां मौजूद नरेन्द्र रावत से ऐसे मानसिक अस्वस्थ लोगो के सम्बन्ध में शासन व विभाग की ओर से ही जाने वाली पहल/कार्यवाही की जानकारी प्राप्त करने में जुट गए।

जहां से द्वय जवानों को महिला हेल्प लाइन की टोल फ्री नम्बर 181 में इसकी सूचना दर्ज कराने की जानकारी मिलने पर वही से 181 डायल कर अपना पूर्ण ब्यौरा बताकर उस मानसिक अस्वस्थ महिला की मानसिक स्थिति, शारीरिक दशा के बारे में बताया गया।

181 महिला हेल्प लाइन ने किया आश्वस्त

जिस पर 181 महिला हेल्प लाइन ने आश्वस्त किया कि महासमुंद जिला स्तर पर गठित सखी वन स्टॉप हेल्प सेंटर द्वारा तत्काल एक्शन लिया जाएगा एवं आवश्यकता पड़ने पर आप सूचनाकर्ता का मोबाइल नंबर सखी सेंटर को प्रेषित किया जा रहा है। साथ ही ऐसे मनोरोगियों के उपचार हेतु राजधानी रायपुर गोड़ी एवं बिलासपुर में शासन द्वारा चलाए जा रहे निःशुल्क उपचार सेवा के बारे में भी जानकारी कार्यालय से मिली।

इस दौरान जवानों ने अपने स्तर की प्राथमिकी खोज निरन्तर जारी रखते हुए पुलिस कार्यालय के अन्य जवान दीपक यदु के साथ मिलकर जिला रायपुर के थाना आरंग में कार्यरत सऊनि वरुण देवता से सम्पर्क साधते हुए ग्राम कोरासी के बारे में जानकारी ली गई, जिस पर उन्होंने बताया कि ग्राम कोरासी वर्तमान में थाना खरोरा क्षेत्र अंतर्गत आता है एवं मेरे पास वही के एक ग्रामीण का मोबाइल नम्बर है, आप उक्त नम्बर से बात कर सकते हो।

जवानों ने प्राप्त नम्बर से उस ग्रामीण से बातचीत के दौरान उनके उक्त नम्बर पर वॉट्सएप होने की जानकारी मिलने पर त्वरित उक्त मानसिक अस्वस्थ महिला की फ़ोटो उनको भेजा। फ़ोटो देखते ही उक्त ग्रामीण ने तत्काल कॉल कर उसे अपने ही गाँव की कौशिल्या देवांगन के रूप में पहचान कर उसके ज्येष्ठ पुत्र उमाशंकर का सम्पर्क नम्बर प्रदाय किया।

जवानों के द्वारा उमाशंकर के मोबाइल से सम्पर्क कर उसके व्हाट्सएप्प पर उनकी माताजी का फोटो भेजकर उसको समस्त हालातो से रूबरू कराए। जिस पर कई दिनों से परेशान पुत्र अपने माताजी वापस ले जाने तत्काल एक घण्टे के भीतर पहुचने की बात कहकर जवानों को आश्वश्त किया।

कौशिल्या देवांगन के पुत्र उमाशंकर ने जवानों से किया सम्पर्क

और यथाशीघ्र जिला अस्पताल महासमुन्द परिसर पहुचते ही उक्त अस्वस्थ महिला कौशिल्या देवांगन के पुत्र उमाशंकर ने जवानों से सम्पर्क किया, दोनो जवान अस्पताल परिसर में ही मौजूद थे तो जल्द ही सखी वन स्टॉप हेल्प सेंटर के महिला कर्मियों के माध्यम से मानसिक रूप से अस्वस्थ व असमान्य कौशिल्या देवांगन के समक्ष पुत्र उमाशंकर को पहुँचाया गया।

जिला अस्पताल में कौशिल्या विगत 7-8 दिनों से अस्थायी निवासी के रूप में रह रही थी जिससे वहां उपचार हेतु आये मरीज व उनके परिजनो से एक कड़ी जुड़ गई थी। जैसे ही माँ-बेटे का मिलन हुआ आसपास स्थित लोगो की मानवीय संवेदना आंखों झलकने लगा।

कौशिल्या देवांगन को पुत्र उमाशंकर के साथ किया गया विदा

सखी वन स्टॉप सेंटर में विधिवत वैधानिक कार्यवाही उपरांत कौशिल्या देवांगन को पुत्र उमाशंकर के साथ विदा किया गया। साथ ही उसके बेहतर व नि:शुल्क मनोरोग उपचार हेतु दूरभाष नम्बर आदान-प्रदान किया गया। जल्द ही कौशिल्या बेहतर उपचार हेतु परिजनों के साथ शासकीय व्यवस्था व खर्च पर बिलासपुर जाएंगी।

इस प्रकार पुलिस कार्यालय के जवान प्रकाश सिंह ठाकुर, अनिल कुमार यादव, दीपक यदु और सखी स्टॉप सेंटर के सुश्री कीर्ति यादव की तत्परता से मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला कौशिल्या देवांगन के परेशान परिजनों की तलाश कर उसे उसके परिवार से मिलाने में महासमुन्द पुलिस का यह प्रयास उनके मानवीय पहलू को प्रदर्शित करती ही है साथ ही सामाजिक दायित्वों का भी बोध कराता है।

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