मंत्री को भी अपने अलावा दूसरे निर्वाचन क्षेत्र की गणना में जाने का अधिकार नहीं

अंकित मिंज की रिर्पोट :

बिलासपुर :

प्रदेश कांग्रेस कमेटी की पांच सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने उम्मीदवारों के साथ ही मतगणना के दौरान 11 दिसंबर को उपस्थित रहने वाले कांग्रेसजनों को बताया कि मंत्री को भी अपने विधानसभा क्षेत्र के अलावा दूसरे विधानसभा क्षेत्र के मतगणना में जाने का अधिकार नहीं है।

अगर ऐसा करते दिखाई दे तो तत्काल आप पहले जिला निर्वाचन अधिकारी से लिखित में शिकायत करने के बाद पावती लें ले और उसके तुरंत बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सूचित करें। इस दौरान शिकायत की पावती वाट्सएप के जरिए भी भेज दें ।

मतगणना के दौरान कांग्रेस की अतिरिक्त सतर्कता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बुधवार को पीसीसी द्वारा बनाई गई पांच सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम कांग्रेस भवन पहुंची ।

कांगे्रस भवन में बिलासपुर,मुंगेली,जांजगीर.चांपा व कोरबा जिले के अंतर्गत आने वाले 19 विधानसभा क्षेत्रों के 16 उम्मीदवारों के अलावा मतगणना अभिकर्ता शामिल हुए । विशेषज्ञ कांग्रेसी दिग्गजों ने मतगणना के लिए भारत निर्वाचन आयोग के मापदंडों का खुलासा करते हुए कहा कि मंत्री के लिए भी इस दौरान बंदिशें रहेंगी ।

वे अपने विधानसभा क्षेत्र के मतगणना में शामिल हो सकते हैं। पड़ोस में दूसरे विधानसभा के वोटों की गिनती के दौरान वे वहां नहीं जा पाएंगे। वोटों की गिनती के दौरान आप पूरे समय मौके पर ही मौजूद रहें। हर हाल में ईवीएम पर निगरानी रखें ।

वोटों की गिनती के दौरान गणना कर्मियों द्वारा व्यवहार सही नहीं किया जाता तो तत्काल आरओ से शिकायत दर्ज कराएं । विशेषज्ञ कांग्रेसियों ने कांग्रेसजनों को अगाह करते हुए कहा कि मतगणना से पहले ही प्रदेशभर से आला अधिकारियों द्वारा की जा रही चालाकी की खबरें लगातार आ रही हैं।

यह भी देखने में आ रहा है कि जो नियम निर्वाचन नियमावली में उसे जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा मौखिक रूप से नकारा जा रहा है। जबकि कांग्रेस दस्तावेज उपलब्ध करारने की बात कर रही है। मतगणना के दौरान सबसे अहम बात ये कि गिनती से पहले ईवीएम की अच्छी तरह पड़ताल हो ।

सील टूटा न हो और न ही किसी प्रकार की छेड़खानी की गई हो । गिनती के लिए लाई जाने वाली मशीन क्रमवार आ रही है या नहीं इस पर भी गंभीरता के साथ नजर रखना होगा । प्रथम चक्र की गिनती समाप्त होने के बाद ही दूसरे चक्र की गिनती के लिए मशीन लाई जाए ।

किसी तरह की शिकायत आ रही हो तो चक्र समाप्ति के पांच मिनट के भीतर ही यह करना है। इसके लिए पीसीसी ने फार्मेट उपलब्ध कराया है। तय फार्मेट में ही शिकायत दर्ज करानी है। इसमें सभी प्रत्याशियों की सील लगी होगी और उस पर पहले से हस्ताक्षर कर मतगणना अभिकर्ताओं को देना होगा।

सबसे अहम मुद्दे पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञ कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि आयोग द्वारा नियुक्त किए गए विधानसभावार आब्जर्वर के अलावा किसी को भी मतगणना स्थल में मोबाइल रखने की अनुमति आयोग से नहीं है।

वीवीपैट और ईवीएम के वोट समान होना चाहिए

मतगणना के दौरान सबसे महत्वपूर्ण निगरानी ईवीएम में प्राप्त वोट और वीवीपैट में दर्ज वोटों की संख्या बराबर होनी चाहिए । मशीन की गिनती के बाद विधिवत सील होना चाहिए । इंजीनियर या कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार डिवाइस रखे दिखाई दें तो तत्काल आपत्ति दर्ज करानी है।

प्रशिक्षण में पीसीसी सचिव विवेक वाजपेयी,हेमेंद्र गोस्वामी,प्रमोद नायक, पंकज सिंह,महेश दुबेएशेख गफ्फार,प्रदेश प्रवक्ता,अभय नारायण राय, रामशरण यादव,युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री,राजेश पांडेय,अरुण सिंह चौहान,एसपी चतुर्वेदी,

चंद्रप्रकाश बाजपेयी,कोरबा जिला अध्यक्ष द्वय उषा तिवारी,राज किशोर प्रसाद,शिवा मिश्रा,तैय्यब हुसैन,विनोद साहू, विनोद दिवाकर,रवि श्रीवास,जयश्री शुक्ल,राकेश सिंह आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन शहर कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ऋषि पांडेय ने किया

इन्होंने दिया प्रशिक्षण

रायपुर नगर निगम के पूर्व महापौर किरणमयी नायकएरुचिर गर्ग, शैलेंद्र खंडेलवालएऔर विक्रम सिंघल ने उम्मीदवारों व कांग्र्रेसजनों को मतगणना के संबंध में जरूरी जानकारी दी ।

Back to top button