शहीद कमल देव की पार्थिव देह हमीरपुर में पैतृक गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन

ताबूत पर शहीद के भाई ने दूल्हे के कपड़े भेंट किए

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पुंछ के मनकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा के समीप बारूदी सुरंग फटने से शहीद हुए हमीरपुर के जवान शहीद कमल देव की पार्थिव देह हमीरपुर में पैतृक गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। हर आंख नम हो गई। जिसके सिर पर शादी का सेहरा बांधने की तैयारियां हो रही थीं, उसकी पार्थिव देह कफन में लिपटी आई।

ताबूत पर शहीद के भाई ने दूल्हे के कपड़े भेंट किए। अविवाहित होने के चलते परिजनों ने शादी की रस्में निभाई । 27 वर्षीय कमल देव वर्ष 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और इसी साल अक्तूबर में उनकी शादी तय थी।

कमल छह साल पहले भारतीय सेना की 15 डोगरा रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। इसी साल अप्रैल में वह घर पर छुट्टियां काटने के बाद वापस अपनी बटालियन में गए थे। कमल की तीन माह बाद अक्तूबर में शादी होनी थी। माता-पिता बेटे के सिर पर सेहरा भी नहीं सजा सके। शहीद कमलदेव अपने पीछे माता-पिता, बड़ा भाई और दो बहनें छोड़ गए हैं।

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