बचपन से ही नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने की आवश्यकता: ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

समर कैम्प का समापन समारोह

रायपुर: वर्तमान समय बच्चों को ऐसी शिक्षा देने की जरूरत है जो कि मानवीय और नैतिक मूल्यों से भरपूर हो। जो बच्चों को चरित्रवान बनाने में मदद करे। ऐसे प्रयासों से ही आने वाले समय में हमारा देश अपने खोए हुए गौरव को पुन: प्राप्त कर सकेगा।यह विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने शान्ति सरोवर में आयोजित समर कैम्प के समापन अवसर पर व्यक्त किए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहर के विधायक विकास उपाध्याय उपस्थित थे। इस अवसर पर बच्चों ने नृत्य और नाटक के साथ-साथ रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। बच्चों ने बहुत ही सुन्दर ढंग से योग नृत्य भी प्रस्तुत किया। जिसमें बतलाया गया कि स्वस्थ रहने के लिए योग बहुत जरूरी है और यह सहज भी है।ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने अपने आशीर्वचन में आगे कहा कि बच्चों को चरित्रवान और ईमानदार बनाने पर ध्यान दें तो आदर्श समाज बनाने में मददगार बन सकते हैं। इसके लिए बचपन से ही आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने की जरूरत है। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी बच्चों को अपनी शुभकामनाएं दीं।

विधायक विकास उपाध्याय ने ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित समर कैम्प की सराहना करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा प्रेरणा समर कैम्प के माध्यम से बच्चों को शास्वत आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा देने का प्रयास सराहनीय है। यहाँ पर बच्चों को व्यवहारिक शिक्षा के साथ ही आत्म ज्ञान भी सीखने को मिला। जो कि कहीं और सम्भव नहीं था। ब्रह्माकुमारी संगठन की बहनें पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति को फैलाने का सराहनीय काम कर रही हैं।उन्होंने कहा कि लोग प्रावीण्य सूची में आने वाले छात्रों को बघाई देते हैं किन्तु कम अंक पाकर उत्तीर्ण होने वाले लोगों के प्रति भी हमारी सद्भावना होनी चाहिए। ताकि ऐसे बच्चे हताश न हों और उन्हें भी आगे बढऩे की प्रेरणा मिल सके।

अन्त में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी बच्चों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित किया गया। सर्वश्रेष्ठ छात्र का पुरस्कार अक्षर मिश्रा और सर्वश्रेष्ठ छात्रा का पुरस्कार कु. रचना साहू को मिला। मंच संचालन ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने किया।

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