सफला एकादशी के दिन प्रारंभ हो रहा नया साल, उतार-चढ़ाव भरा रहेगा ये साल

यह इस बात को इंगित कर रहा है कि नया साल उतार-चढ़ाव भरा रहेगा।

मंगलवार को सफला एकादशी के दिन से प्रारंभ हो रहा नया साल 2019 इसलिए खास है क्योंकि यह मंगलवार से शुरू होकर मंगलवार को ही समाप्त हो रहा है।

साथ ही साल के पहले दिन और आखिरी दिन राहु प्रधान नक्षत्र पड़ रहा है। यह इस बात को इंगित कर रहा है कि नया साल उतार-चढ़ाव भरा रहेगा।

देश में होने वाले चुनाव के पहले ही राजनीतिक उठापटक होगी यानी कई नेता दल-बदल करेंगे। युवाओं के लिए खुशी की बात है कि पूरे साल युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नया साल उपलब्धियों भरा साल रहेगा। भारत की छवि विश्वस्तर पर बेहतर होगी।

शनि-केतु की युति से जोड़तोड़ की राजनीति

ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार नए साल 2019 के पहले महीने जनवरी में ही ग्रहण पड़ रहा है।

इससे प्राकृतिक अवस्था गड़बड़ाएगी। 7 मार्च को राहु कर्क राशि से मिथुन राशि में प्रवेश करेगा तथा केतु मकर राशि से धनु राशि में आएगा।

मार्च महीने में ही शनि और केतु की युति धनु राशि में बनेगी। यह स्पष्ट संकेत दे रहा है कि देश में राजनेताओं की गतिविधियां तेज होंगी और सत्ता हासिल करने जोड़तोड़ की राजनीति का माहौल बनेगा।

हिंदू नववर्ष का राजा शनि और मंत्री सूर्य

पांच अप्रैल से हिंदू नववर्ष प्रारंभ होगा, जिसका नाम ‘प्रमाथी” है। हिन्दू नववर्ष का राजा शनि और मंत्री सूर्य है। यह इस बात का संकेत दे रहा है कि नए साल में प्राकृतिक आपदा और सूखे की स्थिति बनेगी।

नए आयामों को स्पर्श करेगा भारत

कर्क राशि की भारत की कुंडली चूंकि राहु से मुक्त होगी इसलिए भारत प्रगति के नए आयामों को स्पर्श करेगा। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

सिंह, कर्क, कुंभ राशि वालों को मिलेगी सफलता

हिन्दू नववर्ष का राजा शनि और मंत्री सूर्य तथा राहु प्रधान और केरु ग्रह नक्षत्र संकेत दे रहे हैं कि सिंह, कर्क और कुंभ राशि वाले जातकों को अद्वितीय सफलता मिलेगी। साथ ही अन्य राशि वालों के लिए नया साल पिछले सालों की अपेक्षा बेहतर सिद्ध होगा।

बाढ़-भूकंप की संभावना

शनि चूंकि केतु के साथ मार्च माह में युति बनाएगा तथा ठीक इसी अवधि में मंगल जो है वह वृषभ राशि में प्रवेश करेगा तथा शुक्र कुछ अवधि के लिए शनि प्रधान कुंभ राशि में आएगा।

यह इस बात का संकेत दे रहा है कि देश के कुछ इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं, जल उत्प्लावन तथा भूकंप का प्रकोप हो सकता है।

आततायियों का प्रकोप

छत्तीसगढ़ की कुंडली धनु राशि की धनु लग्न की है। कुंडली के अनुसार मार्च माह में शनि केतु की युति बनती है। यह संकेत दे रहा है कि प्राकृतिक आपदा अथवा आततायियों का आतंक बढ़ेगा। नक्सली घटनाएं बढ़ेंगी।

इन अंक वालों को होगा लाभ

साल 2019 का कुल जोड़ 12 होता है। जो कि सूर्य प्रधान और चंद्र प्रधान अंकों से गुरु प्रधान अंक 3 का निर्माण कर रहा है। यह स्पष्ट संकेत दे रहा है कि जिनकी जन्मतिथि 1, 10, 19, 28, 2, 11, 20, 29, 3, 12, 21 और 30 है, उन्हें विशेष रूप से लाभ होने की संभावना है।

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