दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी समाहितीकरण के मांग को लेकर मिले वन मंत्री से

रिक्त पदों में समाहितीकरण के संबंध में वन मंत्री द्वारा पूर्णरूप से आश्वासन दिया गया है!

रायपुर : छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के प्रान्ताध्यक्ष कमलनारायण साहु, प्रदेश महामंत्री रामकुमार सिन्हा, प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद वर्मा, प्रदेश सलाहकार तुलसी डोंगरे, वन विकास निगम के अध्यक्ष जनकलाल साहु, नविन झा ने वन मंत्री मोहम्मद अकबर से मुलाकात कर वन विभाग के 1400 वन रक्षक/सहायकग्रेड03/वाहन चालक के रिक्त पद तथा वन विकास निगम में 7000 पद एवं छ. ग. राज्य लघु वनोपज संघ के अंतर्गत सहायक ग्रेड 03/संदेश वाहक के 113 सीधी भर्ती के रिक्त पदों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को समाहितीकरण करने हेतु चर्चा किया गया!

रिक्त पदों में समाहितीकरण के संबंध में वन मंत्री द्वारा पूर्णरूप से आश्वासन दिया गया है! रामकुमार सिन्हा ने वन मंत्री महोदय का ध्यानाकर्षण कराया कि वन विभाग /वन विकास निगम/ राज्य लघुवनोपज में दैनिक वेतन भोगी /वाहन चालक/कम्प्युटर आपरेटर लोग विगत 10-15 वर्षो से निरंतर सेवा देते हुये आ रहे है किन्तु, ना हि नियमितीकरण का लाभ दिया जा रहा है और ना हि सीधी भर्ती में समाहितीकरण किया जा रहा है !

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का भविष्य 

जिसके कारण दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का भविष्य अंधकार मय प्रतित हो रहा है, हमारे सांथ न्याय होना चाहिये,और यह भी अवगत कराया कि वन विभाग में कार्यभारित/आकस्मिकता निधी से सेटप तैयार कर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियोजित किया जावें, नियुक्ती आदेश दिया जावें जिस पर सहानुभुति पूर्वक समहमती प्रदान किये है और जी. ए. डी. को प्रस्ताव लिखने को कहा गया और वन बल प्रमुख से प्रस्ताव भेजने को कहा गया, उस प्रस्ताव को वन मंत्री अनुमोदन करने का आश्वासन दिया है, सांथ हि सीधी भर्ती में समाहितीकरण का प्रस्ताव पर अनुमोदन करने का भी आश्वासन दिया है,

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों

अब छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के प्रदेश पदाधिकारी लोग वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी से मिलकर प्रस्ताव बनाने के लिये मिलने वाले है, संगठन के प्रदेश महामंत्री रामकुमार सिन्हा व अरविंद वर्मा ने कहा कि वन बल प्रमुख हमारे हित में सार्थक निर्णय हो इस विषय पर सुरू से चिंतन मंथन करते हुये आ रहे है और बताया कि वन बल प्रमुख ने यह भी कहा है कि मैं किसी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के सांथ अन्याय नही होने दुंगा सबके सांथ खड़ा हुं और निरंतर प्रयास में लगा हुं कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का जल्द से जल्द नियमितीकरण हो जाये, इसी के सांथ सांथ प्रदेश पदाधिकारियों ने वन विकास निगम के प्रबंध संचालक ,उप प्रबंध संचालक व लेखाधिक्षक से मुलाकात कर समाहितीकरण के विषय में चर्चा किया गया है जिस पर वन विकास निगम से तत्काल जानकारी मंगाया गया है

ताकि रिक्त पदों पर समाहितीकरण कर वन विकास निगम में कर्मचारियों कि पूर्ती किया जा सकें! प्रदेश सलाहकार तुलसी डोंगरे कहा कि प्रदेश महामंत्री रामकुमार सिन्हा संगठन के रिड के हड्डी है उनके सकुसल नेतृत्व के कारण वन विभाग के दैनिक वेतन भोगियों कि स्थिती सुधरी है और दैनिक वेतन भोगियों का एक पहचान बना है, उनके द्वारा दैनिक वेतन भोगियों के नियमितीकरण के संबंध में महाधिवक्ता उच्च न्यायालय बिलासपुर तथा कांग्रेस पाट्री के प्रदेश प्रभारी पी. एल. पुनिया, प्रदेशाध्यक्ष मोहन मरकाम से चर्चा किया है! अब आगे देखते है कि नियमितीकरण व समाहितीकरण के संबंध में विभाग व सरकार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिये क्या क्या निर्णय लेती है!

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