बुजुर्ग महिला की कई दिन पुरानी लाश के साथ रह रहा था बुजुर्ग महिला का बेटा

पुलिस ने तलाशी ली तो तीन रजाई के अंदर लाश पड़ी थी

प्रयागराज: झूंसी कोहना गांव की तकरीबन 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुग्गन अपने 50 साल के बेटे शहजादे उर्फ झींगुर के साथ रहती थी। दो बेटियां हैं। वे उसी गांव के दूसरे मुहल्ले में रहती हैं। सुग्गन को मुहल्ले वालों ने करीब7 25 दिनों से नहीं देखा था। उसके घर से पिछले कई दिनों से दुर्गंध आ रही थी। बृहस्पतिवार की सुबह किसी बेटे से मां के बारे में पूछा। उसने कहा कि अंदर हैं। जब पड़ोसी अंदर पहुंचा तो देखा जमीन पर एक के ऊपर एक कई रजाई पड़ी हुई थी। वहीं से दुर्गंध आ रही थी।

मुहल्ले वालों को जानकारी दी तो वे समझ गए कि रजाई में सुग्गन की ही लाश है। जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने देखा तो तीन रजाई के अंदर सुग्गन की लाश थी। उसके शरीर का काफी हिस्सा कंकाल में तब्दील हो गया था। शरीर के एक हिस्से के हाथ और पैर के पंजे गायब थे। उसका चेहरा और आंखें भी गायब हो चुकी थीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बुजुर्ग महिला सुग्गन के बेटे शहजादे उर्फ झिंगुर को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

पूरी घटना से गांव की बस्ती के ग्रामीण भी सकते में हैं। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद कहा जा सकता है कि सुग्गन का बेटा मनोरोगी है। पूछने पर उसके ऊल जुलूल के जवाब से लोग दंग रह गए। सुग्गन की मौत कैसे हुई, इसकी जानकारी पोस्टमार्टम के बाद होगी। गांव के दूसरे मुहल्ले में सुग्गन की दो बेटियां रहती हैं। सूचना पर वे भी पहुंची और अपने भाई को कोसती रहीं कि मां की मौत 25 दिन पहले हो गई। उसने आज तक कुछ नहीं बताया था।

दिमागी हालत खराब होने से पत्नी ने भी दिया है छोड़, कई साल से नहाया तक नहीं शहजादे का निकाह सोरांव की युवती से हुआ था लेकिन उसकी दीमागी हालत ठीक न होने के कारण पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई थी। तब से वह वापस नहीं लौटी। शहजादे अपनी मां सुग्गन के साथ रहता था। दीमागी हालत ठीक न होने के कारण दोनों बहनों ने भी उससे दूरी बना रखी थी।

मोहल्लेवालों की मानें तो वह पिछले कई साल से नहाना तो दूर मुंह तक नहीं धोया था। सुबह उठते ही पशुओं को चराने के लिए लेकर चला जाता था। बाद में शाम को घर वापस लौटता था। इसके बाद खाना बनाता और खाने के बाद सो जाता था।

Tags
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button