नगरी विकासखंड का एक मात्र सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल जूझ रहा है समस्याओं से

स्कूल बना शराब व कवाब का खुला अड्डा

राज शेखर नायर

नगरी। प्रदेश की सरकार ने बड़े उम्मीदों से इस शिक्षण सत्र में छत्तीशगढ़ के सभी विकासखंडों में एक-एक शाला को इंग्लिश मीडियम में तब्दील किया हैं,ताकि सामान्य वर्ग के पालक भी अपने बच्चो को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ा सके,और इसका फायदा तो नगरी के पालकों को मिला लेकिन इस फायदे के पीछे पालक व बालक दोनों पूरी तरह परेशान नजर आ रहे हैं। विभाग के उदासीन रवैये एवं आये दिन हो रहे असामाजिक तत्वों के हरकतों से स्कूल प्रबंधन एवं पालक परेशान हैं।

स्थिति ये हैं कि स्कूल को खुले 8 माह हो गए लेकिन अबतक इस इंग्लिश मीडियम स्कूल को भवन नसीब नही हुयी हैं।वर्तमान में प्रायोगिक माध्यमिक शाला के अतिरिक्त कमरे में यह शाला संचालित है।बच्चों के लिए शौचालय और मूत्रालय की व्यवस्था भी ढंग से नही की गयी है।इन बच्चो की परेशानी तब और बढ़ जाती है जब स्कूल से लगे कैंपस में नगर पंचायत का सामुदायिक भवन में होने वाले विवाह व अन्य आयोजन इनकी तकलीफों को बड़ा देते हैं।आये दिन वैवाहिक कार्यक्रम होने के कारण बासी भोजन और पानी पाऊच का ढेर लगा रहता हैं।गन्दगी से होकर बच्चों और शिक्षको को शाला भवन तक जाने के लिए गुजरना पड़ता हैं। आलम ये रहता हैं कि खाना बनाने वाला भट्टा वहा पे बना दिया जाता है जहाँ से पानी सप्लाई वाली पाइप गयी जो अक्सर जल जाती हैं जिससे महीनो तक पानी की सप्लाई रुक जाती है।बासी भोजन के कारण दुर्गन्ध इतनी रहती हैं कि पूरे स्कूल टाइम में बच्चों और शिक्षको को स्वांस लेना दूभर हो जाता हैं।

दिन भर असामाजिक तत्वों के लोगो की मौजूदगी भी बच्चों की सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह उठाते हैं,शाम होते ही स्कूल कैंपस में शराबियों का जमावड़ा लग जाता हैं जो रोज शाला भवन को कुछ न कुछ क्षति पहुँचाते रहते है और शराब पीकर बोतलों को शाला परिसर में ही फोड़ देते है।पास ही स्थित लाइब्रेरी भवन भी सुनसान पड़ा रहता है जहां पर शाम होते ही अनैतिक कार्य करने वालो का जमावड़ा लग जाता है।इस संबंध में यहां पदस्थ शिक्षकों से पूछने पर उन्होंने कहा कि उक्त समस्याओं के बारे में कई बार बीईओ कार्यालय नगरी तथा नगर पंचायत नगरी का ध्यान आकृष्ट कराया गया पर कोई ठोस कार्यवाही नही की गई।

इधर पालकों का कहना है कि समस्या को उच्च अधिकारियों तक पहुचाया गया है किंतु बीइओ आज तक झांकने भी नही आये और अन्य अधिकारियों के भी दर्शन नही हुए,जिसके कारण आज भी उनके बच्चे अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई की खातिर रोज गंदगी व अन्य समस्याओं से दो चार हो रहे हैं।नही होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई हैं। पालकों ने कहा कि यही स्थति रही तो हम अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे।और शीघ्र ही शाला परिषर में आंदोलन किया जावेगा।

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