उत्तर प्रदेशराज्य

विकास दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाला 12 दिन बाद वापस लौटा घर

गंगाजल हाथ में लेने के बाद विकास ने कहा कि वो राहुल को नहीं मारेगा

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर के हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाला राहुल कानपुर कांड के 12 दिन बाद वापस घर लौटने के बाद चौबपुर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष निलंबित विनय तिवारी के सामने विकास दुबे और उसके गुर्गों ने मारपीट वाली बात को स्वीकार किया।

बुधवार को मीडिया के सामने आये राहुल ने बताया कि उसकी ससुराल की खेती का मामला था। उस जमीन पर बुआ की नीयत खराब थी। मेरे ससुर की बहन का लड़का सुनील कुमार की शादी बिकरू में बाल गोविंद के यहां हुई थी। बाल गोविंद का विकास दुबे के साथ संबंध था।

बाल गोविंद चाहता था कि वो जमीन उसे मिल जाये, इसको लेकर यह मामला हुआ था। उसने यह भी बताया कि 27 जून को मोटर साइिकल पर वह घर लौट रहा था। रास्ते में विकास के गुर्गों ने उसकी मोटरसाइकिल और पैसे भी छीन लिया। इसके बाद उसने थाने में तहरीर दी थी।

तहरीर देने के बाद एक जुलाई को एसओ विनय तिवारी ने कहा कि चलो, मामले की तफ्तीश कर लें। इसके बाद वह उनके साथ घटनास्थल पर गया। इसके बाद एसओ उसे लेकर बिकरू गांव पहुंचे, जहां विकास दुबे के गुर्गों ने उसे बहुत मारापीटा और रायफल तान दी। इस दौरान विकास ने उसके सामने ही थानाध्यक्ष को भी बहुत हड़काया, गाली-गलौज की।

गंगाजल हाथ में लेकर विकास ने खाया था कसम

थानाध्यक्ष को लगा कि अब उसे मार देगा तो विनय ने जनेऊ का हवाला देकर कहा कि पंडितों की इज्जत रखों। इसके बाद थानाध्यक्ष ने गंगाजल देकर विकास को कसम खिलायी कि वह उसे मारेगा नहीं। गंगाजल हाथ में लेने के बाद विकास ने कहा कि वो राहुल को नहीं मारेगा।

हत्या की डर से लगाई एसएसपी से गुहार

राहुल ने कहा कि विकास ने कसम तो खाई थी, लेकिन उसे डर था कि कही वो अपने गुर्गों से उसे न मरवा दें। दहशत में आने के बाद वह एसएसपी से गुहार लगाई थी। एसएसपी ने मामले की सुनकर उसे थाने भेजा, थाने में एसओ साहब ने एक शिकायत पत्र लिखी और उसके बाद पुलिस कार्रवाई करने गई। उसकी एफआईआर के बाद ही पुलिस विकास दुबे के घर बिकरू गांव में दबिश देने गई थी,जहां विकास और उसके गुर्गों ने सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी।

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