भाजपा सरकार के दमनात्मक नीति के खिलाफ धरना-प्रदर्शन 30 को

रायपुर।

प्रदेश भर में आम आदमी सुरक्षित नहीं हैं कोई भी हो अपने हक के लिए अब आवाज नहीं उठा सकता। आवाज उठाने वाले को हर हथकंडा अपना कर सरकार दमन करने पर तुली हैं.

वर्तमान शासन के हरकत से किसान संगठन, समस्त बुध्दिजीवि वर्ग को लोकतंत्र पर खतरा भांपते हुए नई राजधानी प्रभावित क्षेत्र के ग्राम पलौद में सामूहिक बैठक कर सरकार की दमनकारी नीति की घोर निंदा करते हुए 30 जून को राजधानी रायपुर में दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर चेताया जाएगा।

ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री के दौरे के उपरांत डां संकेत ठाकुर एवं 11 राजनैतिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तारी संवैधानिक तरीके से विरोध करने के कारण 14 दिनों तक जेल में बंद हैं ।

खिलाड़ी लड़कीयों के साथ छेड़छाड़ की कार्यवाही बाबत महासमुन्द विधायक के साथ मारपीट, किसानों से वादा – खिलाफी करना तथा समस्याओं को नजरअंदाज कर घोर उपेक्षा करना आम जनता को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इसी तारतम्य में 30 तारीख की एक दिवसीय धरना में सभी वर्गों द्वारा अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का अनुरोध किसान संगठनों ने किया है।

इस बैठक में रूपन चन्द्राकार, द्वारिका साहू, वीरेन्द्र पाण्डेय, निश्चय बाजपेयी, कामताप्रसाद रात्रे , पारसनाथ साहू, आनन्द राम साहू, फूलेश बारले, ओमप्रकाश चन्द्राकार, राजू भाई तारवानी, छन्नू को सरे, जगदीश भारती, रामखिलावन बंजारे, डेरहा राम पटेल , लुकेश्वर साहू और गांव के लोग उपस्थित थे।

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