‘गिनीज बुक’ में शामिल हुई जैन तीर्थकर की दुर्लभ स्फटिक प्रतिमा… जाने इसका चमत्कार

भोपाल: मध्यप्रदेश के सागर जिले में स्थित जैन तीर्थकर सिद्ध भगवान की दुर्लभ स्फटिक प्रतिमा को ‘गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड’ में शामिल किया गया है। प्रतिमा को दुनिया में अनोखा बताया गया है। जैन तीर्थकर की प्रतिमाएं आमतौर पर कमलासन पर विराजी मिलती हैं, लेकिन इस प्रतिमा को ‘सिद्ध शिला’ पर विराजित किया गया है।

आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले से दुर्लभ क्रिस्टल की विशाल स्फटिक शिला को गढ़ने में जयपुर के कलाकारों को डेढ़ साल का समय लगा। सिद्ध भगवान के स्वरूप में यह प्रतिमा 33 इंच ऊंची, 24 इंच चौड़ी, 12 इंच मोटी और 130 किलोग्राम वजन की है।

प्रतिमा बनने के पहले अनगढ़ शिला की ऊंचाई 51 इंच, ढाई मीटर व्यास और वजन 1100 किलोग्राम था। भोपाल से 200 किलोमीटर दूर सागर जिले के छोटा करीला में स्थित सिद्धायतन में रविवार को सिद्ध भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी सालगिरह धूमधाम से मनाई गई।

Back to top button