प्रभारी पंजीयक के भरोसे नही हो पा रहे राजस्व विभाग के काम, भटक रहे ग्रामीणजन

बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान आज पूर्व मंत्री एवं रायपुर दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने राजस्व विभाग की समस्याओं से संबंधित विषयों को रखा। विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से पूछा कि कितने उप पंजीयक और पंजीयक स्थाई है और कितने प्रभारी बने हुए हैं? साथ ही उनका सवाल था कि पंजीयन प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत करने के लिए 10 महीने में 602 करोड रुपए प्राप्त हुए हैं। उसके बाद भी कंप्यूटराइजेशन नहीं हो रहा है।

रजिस्ट्रेशन के बाद स्वतः ही नामांतरण हो जाए इसकी भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। बृजमोहन ने कहा कि राजस्व विभाग में प्रभारी की प्रथा खत्म करनी चाहिए। तहसीलदार प्रभारी बनकर बैठे है। उनके पास फुर्सत नहीं रहती, उनके खुद के ही काम बहुत ज्यादा रहते हैं। ऐसे में ग्रामीण जन भटकते रहते, उनके पंजीयन में अनावश्यक विलंब होता है। यह परिस्थितियां निर्मित नहीं होनी चाहिए प्रदेश में स्थाई पंजीयक,उप पंजीयक की व्यवस्था जल्द की जानी चाहिए।

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