बुजुर्गों के दिए संस्कारों ने ही हमारे शहर को संस्कारधानी की पहचान दिलाई : अमर

मनमोहन पात्रे

बिलासपुर.

बुजुर्गों के दिये संस्कारों ने ही हमारे शहर बिलासपुर को संस्कारधानी की पहचान दिलाई है। आपका मार्गदर्शन समाज और राज्य को मिलता रहे तो कभी कोई विपत्ति आ ही नहीं सकती है। किसी भी घर की सबसे बड़ी पूंजी और शक्ति उनके बुजुर्ग होते हैं। उनकी उपस्थिति मात्र ही हमें बड़ी ताकत देती है। उक्त बातें नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने आज अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर समाज कल्याण विभाग द्वारा त्रिवेणी भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।

अग्रवाल ने कहा कि जो वरिष्ठ होता है उसका अपना अनुभव होता है। युवा ऊर्जावान तो होता है लेकिन उसे अनुभव वरिष्ठों से ही मिलता है। जिसने भी वरिष्ठों की अवहेलना की वह जीवन में कभी सफल नहीं हो सकता है। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि रोज अपने घर के बुजुर्गों के पास बैठें, उनसे बातें करें तो उन्हें बड़ी खुशी मिलती है और उनकी खुशी से आपको बहुत आशीर्वाद मिलता है।

बड़े-बुजुर्गों का हमेशा सम्मान करें। यदि आज युवाओं को आसमान छूना है तो उन्हें बुजुर्गों के अनुभव लेना ही होगा। सिर्फ उत्साह से सफलता नहीं मिलती है। अनुभव और ऊर्जा एक दूसरे के पूरक हैं। मैं कई बार विदेश गया हूं, मैंने वहां देखा कि वहां के वरिष्ठ नागरिक खुश नहीं है। उसका कारण है कि विदेश में तभी तक इज्जत रहती है जब तक आप पैसा कमाते हैं। लेकिन हमारे देश में बुजुर्गों को आदर सम्मान हमेशा दिया जाता है।

दुनिया में आज सबसे खुशहाल लोग भारत में ही रहते हैं। सरकार ने वरिष्ठजनों के लिये अनुभव भवन बनवाए हैं। अनुभव भवन नाम इसलिये दिया गया है क्योंकि आपके पास अनुभव का खजाना होता है। जिससे सभी को लाभ मिलता है। हमने योजना बनाई है कि प्रत्येक वार्ड के गार्डन में बापू की कुटिया बनाई जाएगी। जिसमें बुजर्गों के लिये टीवी, अखबार और मैग्जीन की व्यवस्था की जाएगी।

जहां बैठकर वे अपने अनुभव बांट सकेंगे। बिलासपुर की ऐसी संस्कृति है कि जो यहां आता है वो रिटायरमेंट के बाद भी यहीं का हो जाता है। कार्यक्रम में वरिष्ठजनों का मंत्री अग्रवाल ने शॉल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर महापौर किशोर राय, सभापति अशोक विधानी, संयुक्त संचालक समाज कल्याण एच खलको, ज्येष्ठ नागरिक संघ के  चंद्रप्रकाश, राजेंद्र दिवाकर, रमेश मिश्रा, देवव्रत, जुनेजा, शीला शर्मा एवं बड़ी संख्या में वरिष्ठजन उपस्थित रहे।

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