छत्तीसगढ़

समाज आत्म नियंत्रित हो तो नही रहेगी पुलिस की भूमिका : बृजमोहन अग्रवाल

'पुलिस बिन एक दिन' विषय पर प्रेस क्लब रायपुर मे आयोजित संगोष्ठी में कृषि-सिंचाई मंत्री ने रखे विचार

रायपुर :

पुलिस बिन एक दिन विषय पर प्रेस क्लब रायपुर मे आयोजित संगोष्ठी में अपने विचार रखते हुए प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पुलिस एक भावना है जिसे व्यवस्था के स्वरूप में ढाला गया है।

जिसके जानने या मानने से सुरक्षा का भाव पैदा हो वह पुलिस है। यह हर नागरिक में हो सकता है। देश व समाज में व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस की भूमिका अहम रहती है। हम यह कह सकते हैं कि जैसा समाज होगा वैसे उनका प्रतिनिधि होगा वैसी वहां की पुलिस भी होगी।

आज के समय में पुलिस बिन एक दिन की कल्पना नहीं की जा सकती। परंतु जिस दिन हमारा समाज आत्म नियंत्रित होगा उस दिन हम बिन पुलिस की बात कर सकते हैं। बृजमोहन ने कहा कि एक दौर था जब समाज अपराधों को स्वयं नियंत्रित करता था। दंड स्वयं देता था। समय कल परिस्थितियों के अनुसार व्यवस्था बदलती चली गई।

लोकतंत्र में पुलिस की एक भूमिका सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि समाज में जब जागृति आएगी, हम अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए शांति और सौहार्द्र के साथ आदर्श जीवन को स्वीकार करेंगे तब हम बिन पुलिस के एक दिन की बात कर सकते है।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मैं स्वयं गृह मंत्री रह चुका हूं मैंने पुलिसवालों को विभिन्न रूपों में देखा और समझा है। उनकी पीड़ा उनकी तकलीफ को आज समझने की जरूरत है। समाज की हम सब की सुरक्षा में 24 घंटे सातों दिन डटे रहना बड़ा काम है।

यह नौकरी तप और त्याग की नौकरी है। पुलिस की क्रूर भूमिका को लेकर उठते रहे सवालों पर उन्होंने अपना मत रखते हुए कहा कि कुछ लोगों के कारण सभी पर उंगली उठाना उचित नहीं है।

यह आयोजन पुलिस-पब्लिक-प्रेस पत्रिका कर विमोचन अवसर पर रखा गया था। जिसमे आईजी डीएम अवस्थी,शीला गोयल,परिष्ठ पत्रकार राजकुमार सोनी, प्रेस क्लब अध्यक्ष दामू अम्बेडारे सहित गणमान्य नागरिक मौजूद थे। इन्होंने भी अपने विचार व्यक्त किये।

Summary
Review Date
Reviewed Item
समाज आत्म नियंत्रित हो तो नही रहेगी पुलिस की भूमिका : बृजमोहन अग्रवाल
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags