बर्खास्त सरपंच को मिली राहत, जज ने बंगले पर कोर्ट लगाकर मामले की सुनवाई

कोर्ट ने निर्वाचन अधिकारी को आदेश की तुरंत जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।

बिलासपुर। जस्टिस गौतम भादुड़ी ने बर्खास्त सरपंच की याचिका पर रविवार को बंगले में कोर्ट लगाकर मामले की सुनवाई कर मुंगेली जिले की ग्राम पंचायत नगपुरा में हुए उपचुनाव के परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने निर्वाचन अधिकारी को आदेश की तुरंत जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।

मुंगेली जिले की पथरिया जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत नगपुरा के निर्वाचित सरपंच निर्मल दिवाकर के खिलाफ गांव के गणेश राम केंवट ने शिकायत की थी। इसमें कहा गया कि सरपंच ने गांव की शासकीय भूमि में अतिक्रमण किया है। शिकायत की जांच के बाद नायब तहसीलदार ने दोष सिद्ध होने पर चार हजार रुपये अर्थदंड लगाते हुए जमीन से बेदखल करने की कार्रवाई की।

एसडीएम पथरिया के प्रतिवेदन दिनांक 12 सितंबर 2017 के आधार पर कलेक्टर मुंगेली ने प्रकरण पंजीबद्ध कर 11 दिसंबर 2017 को सरपंच को बर्खास्त कर दिया। सरपंच ने कलेक्टर के आदेश के खिलाफ अपर आयुक्त बिलासपुर के समक्ष अपील पेश की।

अपर आयुक्त ने 23 जून 2018 को कलेक्टर मुंगेली के आदेश को निरस्त कर अपील को स्वीकार किया। दूसरी ओर ग्राम पंचायत में सरपंच का पद रिक्त होने पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव की घोषणा कर 24 जून को मतदान रखा गया।

अपील स्वीकार होने के बाद भी उपचुनाव कराए जाने पर सरपंच ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी, संदीप सिंह, ईशान वर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में अवकाश के दिन याचिका दाखिल कर एडिशनल रजिस्ट्रार न्यायिक से मामले की तुरंत सुनवाई कराने निवेदन किया।

धाराशिव व मिरमिट्टी में चुनाव पर रोक –

जांजगीर-चांपा जिले की जनपद पंचायत नवागढ़ की ग्राम पंचायत धाराशिव के सरपंच नरेन्द्र राठौर व कवर्धा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मिरमिट्टी की महिला सरपंच गौरी बाई ध्रुव को शिकायत पर पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 के तहत बर्खास्त किया गया है।

पद रिक्त होने के कारण राज्य निर्वाचन आयोग ने दोनों ही ग्राम पंचायत में 24 जून को उपचुनाव कराने का आदेश दिया था। उपचुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ होने पर दोनों सरपंचों ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा गया कि उन्होंने बर्खास्तगी आदेश के खिलाफ कमिश्नर के समक्ष अपील प्रस्तुत की है।

अपील लंबित होने के कारण उपचुनाव नहीं कराया जा सकता है। जस्टिस संजय के अग्र्रवाल के कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने 21 जून को मामले में आदेश पारित करते हुए दोनों ही ग्राम पंचायतों में चुनाव पर रोक लगा दी है।

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