छत्तीसगढ़

इस पंचायत के सरपंच मस्त, ग्रामीण हाथियों के आतंक से दहशत में

शासन की योजनाओं और विकास कार्यों को तरस रहे ग्रामवासी

पोड़ी उपरोड़ा: कोरबा जिले के अंतर्गत ब्लाक पोड़ी उपरोड़ा में एक ऐसी भी पंचायत है जहां सरपंच शबाब और कबाब में अपना समय व्यतीत कर रहे हैं, जहाँ ग्रामवासी शासन की योजनाओं और विकास कार्यों को तरस रहे हैं।

ग्राम पंचायत में कुछ विकास ही नही हुआ

ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में कुछ विकास ही नही हुआ है। दूसरी तरफ ग्रामवासी जंगली हाथियों के आतंक से दहशत में चल रहे हैं। जहाँ शाम होते ही ग्रामीण अपने घरों में दुपक जाते हैं। पूरा गांव इन हाथियों की वजह से डर के आगोश में शमा गया है।

शराब के नशे में डूबा रहता है सरपंच

हम बात कर रहे हैं ब्लॉक पोड़ी उपरोड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरभोका की जहां ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच गोविंद राम सुबह से शाम तक शराब के नशे में डूबा रहता है और ग्रामीण समस्याओं में डूबे रहते हैं।

सरपंच की अपने कार्यों के प्रति उदासीनता को लेकर ग्राम वासियों में हमेशा आक्रोश

सरपंच की अपने कार्यों के प्रति उदासीनता को लेकर ग्राम वासियों में हमेशा आक्रोश बना रहता है, लेकिन शायद सरपंच को ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में कोई दिलचस्पी दिखाई नही दे रही है जो यहाँ सड़क, बिजली, पानी और स्कूल की पर्याप्त सुविधा तक नही है।

पंचायत में दो साल से उप स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग बनकर तैयार

ग्रामीणों ने ये भी बताया कि पंचायत में दो साल से उप स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग बनकर तैयार है लेकिन आज तक किसी भी डॉ या नर्स को नियुक्त इस केंद्र में नही किया गया है, जिसकी वजह से हम ग्राम वासियों को जब भी इलाज की आवश्यकता होती है तो 20 km किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोड़ी उपरोड़ा जाना पड़ता है जिसकी वजह से हम सभी इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं।

ग्राम पंचायत में 2 साल से जिओ का टावर भी लगा हुआ

इतना ही नहीं ग्राम पंचायत में 2 साल से जिओ का टावर भी लगा हुआ है, लेकिन आज तक यह टावर अपनी सेवा प्रारंभ नहीं कर पाया, जिसकी वजह से आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को बेहद कठिनाइयों के साथ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मोबाईल सुविधा ढप रहने के कारण वन अमले से संपर्क तक नही

इस पंचायत में हाथियों का भयंकर आतंक है लेकिन मोबाईल सुविधा ढप रहने के कारण वन अमले से संपर्क तक नही हो पाता और कुछ घटना हो जाये तो न ही पुलिस की सुविधा मिल पाती है और न ही अस्पताल की सुविधा, आखिरकार ग्रामीण शासन की सुविधाओं से अपने आप को अछूता सा महसूस कर रहे हैं।

इन दिनों जंगली हाथियों का भी जमकर आतंक

इतना ही नहीं ग्राम पंचायत सरभोका में इन दिनों जंगली हाथियों का भी जमकर आतंक देखा जा सकता है जहां हफ्ते भर पहले नदी किनारे दो ग्रामीणों को जंगली हाथी ने मौत के घाट उतार दिया था तब से इस पंचायत के ग्रामीण डर के आगोश में शमा गए हैं और शाम होते ही अपने अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो जाते हैं।

नहीं मिल पा रही वन विभाग से भी पूरी मदद

ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग से भी पूरी मदद नहीं मिल पा रही है केवल हाथी आने की जानकारी बस दी जाती है और सुरक्षा के तहत कोई पुख्ता इंतजाम हम ग्राम वासियों के लिए नहीं किए जाते और न ही वन विभाग की तरफ से कोई सुरक्षा उपकरण जैसे टॉर्च मशाल लालटेन नहीं दिया जाता है, आखिरकार कब तक हम ग्रामीण डर के साये में इन जंगली हाथियों का सामना करने को मजबूर रहेंगे।

जंगली हाथियों ने कर दिया ग्रामीणों का जीना दूभर

जहां एक ओर ग्राम पंचायत सरभोका के सरपंच शराब में डूबे हुए हैं वहीं दूसरी ओर जंगली हाथियों ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है अब देखने वाली बात तो यह होगी कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा सरपंच के विकास कार्यो की जांच किस प्रकार करते हैं और वन मंडल कटघोरा इन ग्रामवासियों को हाथियों के आतंक से किस प्रकार सुरक्षा प्रदान करने के साथ साथ ग्रामीणों को सुरक्षा के क्या क्या उपकरण प्रदान करता है।

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