उपेन्द्र कुशवाहा के नये रुख पर सत्तारूढ़ जदयू ने की व्यंग्यात्मक टिप्पणी

बंटवारे को लेकर 30 नवम्बर तक का अल्टीमेटम दिया था

पटना:

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों हुए कथित अपमान के लिए ‘‘माफ करो और भूल जाओ” के लिए तैयार होने के साथ ही कुशवाहा ने नया रूख अपनाते हुए कहा था कि वह लोकसभा चुनाव में राजग के भीतर सीटों के ‘‘सम्मानजनक” बंटवारे पर अपनी जिद छोड़ने के लिए तैयार है.

बिहार में सत्तारूढ़ जद (यू) ने केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा के नये रूख पर रविवार को व्यंग्यात्मक टिप्पणी की. उपेंद्र कुशवाहा ने सीटों के बंटवारे को लेकर 30 नवम्बर तक का अल्टीमेटम दिया था.

उनके इस अल्टीमेटम पर भाजपा के रूखे व्यवहार के मद्देनजर उनके राजग छोड़ने की घोषणा की अटकलें हैं. उन्होंने कहा कि यदि बिहार की सरकार मेरे 25- सूत्रीय मांग पत्र पर काम किये जाने का आश्वासन देती है तो मैं सब कुछ माफ करने और भूलने के लिए तैयार हूं.

इस पर जद (यू) के विधानपार्षद एवं प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि कम से कम केन्द्रीय मंत्री यह सुनिश्चित करने के लिए सावधानी बरत सकते थे कि मसौदा ‘‘वर्तनी की गलतियों और व्याकरण संबंधी त्रुटियों” से भरा नहीं हो.

उन्होंने कहा, ‘‘बिहार शिक्षा के दो मॉडल का गवाह रहा है. एक लालू प्रसाद का चरवाहा विद्यालय था. एक अन्य मॉडल नीतीश कुमार का है जिन्होंने आईआईटी पटना, नालंदा विश्वविद्यालय और चाणक्य लॉ कॉलेज जैसे संस्थानों को बनाया.

कुशवाहा ने स्पष्ट किया है कि वह किस मॉडल के लिए खड़े हैं”. कुमार ने हैरानी जताई कि आरएलएसपी प्रमुख ने केंद्रीय मंत्री के रूप में बिहार में शिक्षा परिदृश्य में सुधार करने के लिए क्या किया था.

उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा राज्य की सूची में नहीं है बल्कि समवर्ती सूची में है. वह यह कह कर ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं कि यह विशेष रूप से राज्य का एक मामला है”.

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