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PNB में 2011 से हो रहा घोटाला, इस वजह से नहीं आया पकड़ में!

नीरव मोदी ने ना तो कोई प्रॉपर्टी गिरवी रखी, ना ही उसके अकाउंट में करोड़ों रुपये थे और ना ही कर्ज के लिए जरुरी प्रक्रिया ही पूरी की. फिर भी पंजाब नेशनल बैंक की गारंटी पर उसे महीने दर महीने कर्ज मिलता गया और पहला कर्ज भरने के लिए दूसरा कर्ज और दूसरा कर्ज चुकता करने के लिए तीसरा कर्ज.

मुंबई:

देश के सबसे बड़े बैंक घोटाले की जांच में सीबीआई और ईडी दो बड़ी एजेंसियां लगी है, लेकिन अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि साल 2011 से शुरू हुआ ओवरसीज लोन घोटाला पहले पकड़ में क्यों नहीं आया? और कैसे 2 अदना से बैंक अधिकारी बिना किसी को भनक लगे घोटाले में नीरव मोदी की मदद करते रहे?

नीरव मोदी ने ना तो कोई प्रॉपर्टी गिरवी रखी, ना ही उसके अकाउंट में करोड़ों रुपये थे और ना ही कर्ज के लिए जरुरी प्रक्रिया ही पूरी की. फिर भी पंजाब नेशनल बैंक की गारंटी पर उसे महीने दर महीने कर्ज मिलता गया और पहला कर्ज भरने के लिए दूसरा कर्ज और दूसरा कर्ज चुकता करने के लिए तीसरा कर्ज.

साल 2011 से शुरू हुए इस सिलसिले की वजह से नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी की तिजोरी भर्ती रही और बैंक का कर्जा बढ़ता रहा. अब जब पोल खुली है तो पूरे बैंकिंग सिस्टम पर ही सवाल खड़ा हो गया है. सवाल है क्या बड़े बैंक अधिकारियों के मिलीभगत के बिना ये संभव था?

हालांकि जांच एजेंसिया अभी इस पर खुलकर नहीं बोल पा रही हैं, लेकिन इतना तो साफ है कि घोटालेबाजों ने स्विफ्ट पेमेंट सिस्टम और कोर बैंकिंग सिस्टम में ऑनलाइन कनेक्शन नहीं होने का पूरा फायदा उठाया और फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिये विदेशों में लोन पर लोन उठाते रहे.

यही वजह है कि ईडी ने अब बैंक की साल 2011 के बाद की सभी ऑडिट रिपोर्ट तलब की है. लेकिन एक बड़ा सवाल स्विफ्ट सिस्टम के पासवर्ड का है, जिसके जरिये फर्जी लेटर ऑफ़ अंडरटेकिंग की पुष्टि होती थी.

जांच एजेंसी ईडी का कहना है कि अभी तक की जानकरी में हर ब्रांच के 2 लोगों को पासवर्ड एक्सेस था. पीएनबी की ब्रेडी हाउस ब्रांच में पूर्व डेप्युटी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी और सिंगल विंडो ऑपरेटर मनोज खरात उनमे ही शामिल है, लेकिन यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या मैनेजर को भी पासवर्ड पता था?

इस बीच पंजाब नेशनल बैंक की फोर्ट शाखा में सुबह सीबीआई की सील देख हंगामा मच गया. शिवाजी जयंती की वजह से महाराष्ट्र में बैंक होलिडे होने के बावजूद वहां आए नौसेना अधिकारी अंजनी सिंह की चिंता बढ़ गई. अगले 2 महीने में रिटायर हो रहे अंजनी ने हाल ही में पेंशन अकाउंट खोला है अभी चेक बुक भी नहीं मिली है.

सीबीआई अधिकारियों ने सोमवार को ब्रेडी हाउस ब्रांच का ताला खोल तलाशी ली. वहीं दूसरी तरफ सीबीआई दफ्तर में नीरव मोदी की कंपनी के सीएफओ विपुल अम्बानी से लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ हुई.

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