ब्रेक्जिट समझौते पर लगी मुहर, संसद में 11 दिसंबर को होंगे मतदान

यूरोपीय यूनियन (ईयू) नेताओं ने ब्रेक्जिट समझौते पर मुहर लगा दी। ज्ञात हो कि, यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं ने रविवार को ऐतिहासिक ब्रेक्जिट समझौते को मंजूरी दी थी। ईयू के सदस्य देशों के 27 नेताओं ने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे से मुलाकात के बाद ब्रेक्जिट समझौते का समर्थन कर इसको मंजूरी दी थी।

अब 28 सदस्यीय ईयू से ब्रिटेन के अलगाव के रास्ते में ब्रिटिश संसद ही बाधा रह गई है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने सोमवार को बताया कि इस पर 11 दिसंबर को संसद में मतदान होगा।

अगर इस समझौते को संसद की मंजूरी मिल जाती है तो अगले साल 29 मार्च को ब्रिटेन औपचारिक रूप से यूरोपीय यूनियन से अलग हो जाएगा। इस मुद्दे पर संसद में बहस के दौरान टेरीजा मे को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा।

वहीं, मे ने समझौते को देश के हित में बताते हुए राष्ट्र के नाम पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने लोगों से भावुक अपील की है। बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में ब्रेक्जिट समझौते पर विचार करने के लिए रविवार को ईयू के शेष 27 सदस्य देशों के नेताओं की बैठक हुई।

बैठक में ब्रेक्जिट यानी ईयू से ब्रिटेन के अलग होने के समझौते को मंजूरी दे दी गई। बैठक के बाद यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने ट्वीट किया कि ईयू-यूके के भावी संबंधों पर निकासी समझौते और राजनीतिक घोषणापत्र का ईयू ने समर्थन किया है।

संसद के निशाने पर हो सकती हैं ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मे
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे ब्रेक्जिट को लेकर सोमवार को संसद के निशाने पर हो सकती हैं। ब्रिटिश नेता ने रविवार को यूरोपीय संघ के 27 देशों के नेताओं के साथ मिलकर ब्रेक्जिट पर अंतिम समझौता किया।

मे ने कहा कि ब्रसेल्स के साथ पिछले दो साल से इस समझौते पर चल रही बातचीत की प्रक्रिया बेहद जटिल और दुखदायी रही।

इस बीच कई बार ऐसा लगा कि अब समझौता नहीं होगा। लेकिन संसद में इस समझौते पर मतदान के सामने पिछले दो साल की तकलीफें अब छोटी दिखने लगी हैं।

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