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राहुल राजपूत की हत्या के मामले में एकमात्र चश्मदीद गवाह ने किया खुलासा

राहुल की दोस्त ने अब इस पूरे रहस्य से पर्दा उठाया

नई दिल्ली: दिल्ली के आदर्शनगर में रहने वाले राहुल राजपूत को कुछ लड़के टयूशन की बात कहकर घर से बुलाकर ले गए. राहुल के साथ उसकी दोस्त भी थी. वहां पर राहुल का पीट-पीटकर बेदर्दी के साथ मर्डर कर दिया गया. आखिर क्यों राहुल अपनी जान के दुश्मनों से मिलने गया था. राहुल की दोस्त ने अब इस पूरे रहस्य से पर्दा उठाया है.

राहुल की तबीयत ठीक नहीं थी

मृतक की दोस्त ने कहा कि राहुल को इंसाफ मिलना चाहिए. हम सीबीआई जांच चाहते हैं. मृतक की दोस्त ने बताया कि 7 दिन पहले की बात है, हम दोनों पूरा दिन साथ में थे. राहुल की तबीयत ठीक नहीं थी. शाम 6 बजे के करीब मेरे मामा के लड़के का फोन आता है मेरे नंबर पर. वो कहता है कि राहुल का नंबर नहीं लग रहा है. तो मैंने उसे बताया कि राहुल की मम्मी ने वो फोन बेच दिया है.

दोस्त ने बताया कि उसने कहा कि कोई और नंबर हो तो दे दो, फिर मैंने उसे चाची का नंबर दिया. उसने चाची के नंबर पर कॉल किया. फिर बातचीत कर हमें मिलने के लिए बुलाता है. महिला दोस्त ने बताया कि फोन काटने के बाद राहुल मुझसे पूछता है कि जाऊं कि न जाऊं. मैंने उससे कहा कि 5 मिनट के लिए चले जा. कहीं बात कर लेंगे. मैं बाहर निकल कर मामा के लड़के को फोन करती हूं कि राहुल 5 मिनट के लिए मिल लेगा. वो मिलने के लिए बुलाते हैं और फिर राहुल को मार देते हैं. A

मेरे सामने मारते तो मैं उसे जरूर बचाती

महिला दोस्त से पूछा कि क्या आप के सामने उन्होंने राहुल को मारा तो युवती ने कहा कि मेरे सामने मारते तो मैं उसे जरूर बचाती. वो किसी की नहीं सुनते. उसने बताया कि मुझे किसी हुसैन की योजना लग रही है, क्योंकि लड़ाई में वह कहता है कि मैं इस फिराक में था कि तुम कब मिलोगे और उसको बहुत मारते हैं. युवती ने बताया कि मारपीट में मेरा सगा भाई, मेरे मामा का लड़का शहनवाज, दूसरे मामा का लड़का समेत 7-8 लड़के शामिल थे. उनमें 2-3 लड़कों का नाम मुझे नहीं पता है. केस में 5 लोग पकड़े गए हैं और 3 लोग पकड़े नहीं गए हैं. पता नहीं पुलिस क्या कर रही है.

पुलिस ने क्या बचाने की कोशिश की, इस पर युवती ने कहा कि जहां यह घटना हई उसी के थोड़ी दूरी पर पुलिस स्टेशन है. मैं भागकर वहां जाती हूं और कहती हूं कि वहां पर मारपीट हो रही है, लेकिन कोई नहीं जाता है. वो लोग कहते रहे कि वहां जाओ, वहां जाओ, बस यही कहते रहे. युवती ने कहा कि इसे हाथरस केस से जोड़कर नहीं देखा जा सकता. मैं सीबीआई जांच चाहती हूं. राहुल को इंसाफ मिलना चाहिए.

सांप्रदायिक आधार देने की कोशिश गलतः पुलिस

इस पूरे प्रकरण पर दिल्ली पुलिस की ओर से बयान जारी किया गया है. पुलिस का कहना है कि प्रिंट मीडिया के कुछ वर्गों ने इस घटना को सांप्रदायिक आधार देने की कोशिश की है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है. यह स्पष्ट किया जाता है कि यह दोनों परिवारों के बीच विवाद का विषय है.

पुलिस के अनुसार, 7 अक्टूबर को रात 12 बजे के करीब राहुल नाम के लड़के को बीजेआरएम अस्पताल में बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया था. पूछताछ पर पता चला कि वह एक लड़की के रिश्तेदारों द्वारा मारा गया था, जिसका वह करीबी दोस्त था. बाद में घायल युवक की गंभीर चोट होने की वजह से मौत हो गई.

तुरंत, धारा 302/34 आईपीसी के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया और मामले में सभी 5 अभियुक्तों (2 व्यस्क और 3 नाबालिगों) को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. सभी से अनुरोध है कि अफवाह या गलत सूचनाओं को फैलाने से रोकें.

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