राज्य शासन ने अपनाया हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रूख

संतोष जैन :

बिलासपुर : राज्य शासन ने गुरुवार को महतारी और संजीवनी के हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया। सभी को 24 घंटे के अंदर काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया है। साथ ही प्रदेश स्तर के सात पदाधिकारी बर्खास्त कर दिए गए हैं।

हड़ताल के कारण चौथे दिन भी जिला समेत प्रदेशभर में आपातकालीन चिकित्सा सेवा ठप रही। लोगों को इससे परेशानी भी हुई। वहीं शासन ने हड़ताल को अवैध करार देते हुए कर्मचारियों को काम पर लौटने अंतिम अवसर दिया है।

24 घंटे के भीतर वापसी नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही हड़ताल का नेतृत्व करने वाले सात पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।

इसके बाद भी हड़ताल जारी है। इसका सीधा असर आपातकालीन चिकित्सकीय सेवा पर पड़ रहा है। गुरुवार को भी सिम्स व जिला अस्पताल में मरीज सेवा लेने के लिए भटकते रहे।

पीएम से लगाई गुहार

राज्य शासन की सख्ती के बाद आंदोलन तो जारी है लेकिन कर्मचारी डरे हुए हैं। उन्होंने प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य शासन की कार्रवाई पर हस्तक्षेप करने की मांग की है।

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