भगवान रुद्र शिव की प्रतिमा राज्य की समृद्ध धरोहर : भूपेश बघेल

ताला महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बिलासपुर जिले के ग्राम ताला में आयोजित ताला महोत्सव में शामिल हुए। श्री बघेल ने सबसे पहले पांचवी शताब्दी के देवरानी-जेठानी मंदिर में भगवान रूद्रशिव की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर बघेल ने सभा में उपस्थित सभी लोगों को ताला महोत्सव की बधाई दी और कहा कि पहली बार ताला महोत्सव में सम्मिलित होकर बहुत अच्छा लगा।

ताला में पुरातात्विक महत्व की भगवान की मूर्तियां आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत है। छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन केन्द्रों को एक सर्किल के रूप में विकसित करने पर विचार कर रही है। आस-पास के जिलों के पर्यटन केन्द्रों को एक ही सर्किल में जोड़कर उनका प्रचार प्रसार करेंगे और उन्हें विकसित करेंगे।

नरवा से आशय है कि नाले-नदियों का पानी संरक्षित करना है। गरुवा के तहत प्रत्येक गांव में गोठान का निर्माण किया जा रहा है। जहां पर मवेशियों के लिए पानी और चारे की व्यवस्था भी रहेगी। घुरवा के तहत गोबर व अपष्टि पदार्थों से जैविक खाद बनाई जा सकेगी और उसके प्रयोग से फसल अच्छी होगी साथ में खाना पकाने के लिये गैस का भी उत्पादन हो सकेगा। बाड़ी लगाकर किसान सब्जी की पैदावार कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।

बघेल ने कहा कि एक मार्च से सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली का बिल आधा कर दिया है। जिससे सभी नागरिकों को लाभ मिलने जा रहा है। श्री बघेल ने शराबबंदी पर कहा कि एक झटके में शराब बंदी से कई प्रकार की हानि हो सकती है। इसलिए सरकार धीरे-धीरे शराबबंदी की ओर बढ़ रही है। शराब एक सामाजिक बुराई है। जिसे सभी लोगों को जागरूक करके ही खत्म किया जा सकता है।

बघेल ने पशुधन विभाग द्वारा नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी पर बनाये गये मॉडल का भी अवलोकन किया। समारोह में राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, पूर्व विधायक दिलीप लहरिया, राजेन्द्र शुक्ला, ममता मनहरण कौशिक, अटल श्रीवास्तव, विजय केशरवानी, मंदिर समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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