छत्तीसगढ़धर्म/अध्यात्म

कनेरी की कंकाली की अनोखी कहानी, मुरादें पूरी करने दूर-दूर से आते है भक्त

लोगों की बढ़ती आस्था एवं मैया की महिमा से अब यहां भव्य मंदिर का निर्माण हो गया

बालोद :

जिले के गुरुर ब्लाक के ग्राम कनेरी में स्थापित कंकालिन मन्दिर से कई भक्तो की आस्थाए जुड़ी है। कहते है जो भी भक्त इस मंदिर की चौखट पर आया वो खाली नहीं गया माँ ने उनकी झोली खुशियो से भर दी । यहां विराजीत कंकालिन देवी के आशीर्वाद से हर संकट पल भर में दूर हो जाता है।

हर बिगड़ी बन जाता है जो भक्त देवी को सच्चे मन से पूजते है माँ उन भक्तो की मुराद जरूर पूरा करते है।माँ अपने भक्तो के सभी कष्ट दूर कर देते है। इस गांव की मन्दिर से भक्‍त और देवी माँ के बीच आस्‍था और विश्‍वास का अनूठा बंधन देखने को मिलता है।

लोगों की बढ़ती आस्था एवं मैया की महिमा से अब यहां भव्य मंदिर का निर्माण हो गया है और निरंतर प्रगति जारी है। यहां प्रतिदिन श्रद्धालु माता की पूजा अर्चना करने नियमित रूप से आते हैं।इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां शारदीय एवं चैत नवरात्र दोनों में मंदिर प्रागंण में जोत जलाया व जावरा बोया जाता है।

प्राचीन कहानी एवं चमत्कारी

जितनी अनोखी इस मंदिर की मान्यता है। उतनी अनोखी इस मंदिर की कहानी है। गांव की बूजुर्गो के नुसार ग्राम में बैठक चल रहा था। तभी गांव के बैगा स्व,फोटकाहा को देवी आई और बोलने लगा मै कंकालिन हूँ।हम तीन बहने बस्तर से वनांचल से आ रहे है जिसमे एक बहन कलकत्ता व दूसरी रायपुर में रुकी है।

मेरी इच्छा है की मै यही रुकूँ अभी मै आपके ग्राम से लगा वनांचल में रुका हु । आप लोग रोकना चाहते हो तो रोक लो नही तो मै दूसरी जगह चला जाउंगी। थपश्चात ग्रामीण बैठक से उठकर बैगा आज विराजमान जगह पर जाकर रुका और कहने लगा।यहाँ शांति है वन है जो मुझे अच्छा लग रही है। ऐसा कहकर बैगा रुक गया। तब से ग्रामवासी पथ्थर का मन्दिर बनाकर माता जी के स्थापना कर पूजा अर्चना शुरू किया।

वही अंग्रेज़ शासन काल में देवी माँ के चमत्कारो को सुनकर कईबार देवी की परीक्षा ली गई। तब देवी माँ के चमत्कारो को देखकर तात्कालिक दुर्ग जिला प्रशासन ने मन्दिर को ताम्रपत्र प्रदान किया जो आज भी मन्दिर में सहेज कर रखा गया हैं। वही मन्दिर ट्रस्ट के अध्यक्ष जनार्दन सिन्हा ने बताया कि लोग देवी माँ के चमत्कारो को देखकर अपनी मनचाही मुराद पूरी करने के लिए जिले सहित दूसरे प्रदेश के भक्त आते है।

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