सहकारिता में कृषि क्षेत्र को बदलने और इसे सतत बनाने की ताकत : उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सहकारी समितियों में कृषि क्षेत्र को बदलने और से सतत बनाने की क्षमता है। वे आज भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ द्वारा आयोजित 19वें वैकुंठ भाई मेहता मैमोरियल व्याख्यान दे रहे थे। इस अवसर पर कृषि एवं कल्याण राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने सहकारी समितियों से किसानों को उर्वरकों के सही प्रयोग और खेतीबाड़ी में तकनीक के प्रयोग का प्रशिक्षण देने को कहा है। उन्होंने कहा कि हमें सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है क्योंकि वे किसानों के कल्याण के लिए कार्य कर सकती हैं और आवश्यकता के समय उचित ब्याज दर पर ऋण प्रदान कर सकती हैं।

उपराष्ट्रपति ने सहकारी आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सहभागिता से ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

किसानों की आमदनी 2022 तक दो गुनी करने के सरकार के 7 सूत्री एजेंडे के रूप में उपराष्ट्रपति ने कहा कि सहकारी कृषि किसानों को प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे किसानों की कृषि लागत कम होगी।

उपराष्ट्रपति ने सहकारी समितियों से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को कुशल बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के पास बेरोजगारी का समाधान करने का बेहतरीन अवसर है। उपराष्ट्रपति ने सहकारी समितियों से पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी प्रणाली के लिए कामकाज विशेषकर प्रशासन बैंकिंग और व्यापार में डिजिटल तकनीक का प्रभावी प्रयोग करने का आग्रह किया।

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