छत्तीसगढ़

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट कार्ड बनाने का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा

लगभग 51 हजार परिवारों के स्मार्ट कार्ड बनाए जाएंगे

महासमुंद : महासमुंद जिले में राष्ट्रीय एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिये वर्ष 2016 एवं उसके बाद लोक सुराज 2017 एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर स्मार्ट कार्ड बनाने का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा।

इसके माध्यम से करीब 51 हजार परिवारों के स्मार्ट कार्ड बनाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा स्मार्ट कार्ड के माध्यम से चिकित्सा की राशि 30 हजार रूपए से बढ़ाकर 50 हजार रूपए की गई है। कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता द्वारा आयोजित बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.बी. मंगरूलकर ने बताया कि स्मार्ट कार्ड बनाने का कार्य ग्रामवार एवं वार्डवार कार्ययोजना के अनुसार किया गया जाएगा।

इसके लिए शहरी क्षेत्रों में 6 और ग्रामीण क्षेत्रों में 12 कुल 18 टीमों द्वारा शिविर लगाकर स्मार्ट कार्ड बनाए जाएंगे।

जिन परिवारों का स्मार्ट कार्ड बनाया जाना है, उन परिवारों को शिविर लगने के 2 दिन पूर्व सूचना पर्ची आंगनबाडी कार्यकर्ता के माध्यम से वितरित की जाएगी। जिन परिवारों ने नवीन स्मार्ट कार्ड बनाने हेतु आवेदन किया है, उन परिवारों से अपील की गई है कि जब उनके ग्राम पंचायत या शहर के संबंधित क्षेत्र में शिविर लगे तो वे परिवार के सभी सदस्यों तथा आधार कार्ड के साथ उपस्थित होकर अपना स्मार्ट कार्ड अवश्य बनवाए। शिविर लगने कि सूचना का प्रकाशन शीघ्र किया जाएगा।

शिविर की सूचना संबंधित क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं आंगनबाडी कार्यकर्ता के माध्यम से दी जायेगी। शिविर दिनांक कि जानकारी टोल फ्री नंबर 104 पर से ले सकते है।
जिले के सभी स्मार्ट कार्डधारी परिवार से अपील कि गई है कि वे राष्ट्रीय एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजनांतर्गत पंजीकृत चिकित्सालय में चिकित्सकीय सुविधा का लाभ ले सकते हैं। योजना के अंतर्गत पंजीकृत चिकित्सालयों में स्मार्ट कार्ड़ धारक मरीज को चिकित्सकीय सुविधा निर्धारित पैकेज के अनुसार प्रदान किया जाता है।

जिले के बाहर कौन-कौन से चिकित्सालय इस योजनांतर्गत पंजीकृत है, इसकी जानकारी टोल फ्री नंबर 104 पर प्राप्त की जा सकती है। इसी तरह योजना से पंजीकृत कोई संस्था स्मार्ट कार्ड़ धारक मरीजों का राष्ट्रीय एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित पैकेज में इलाज नहीं करता या किसी कारणवश अतिरिक्त राशि की मांग करता है, तो इसकी शिकायत भी की जा सकती है।

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